किशोरी की कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला, NCW ने दिल्ली पुलिस से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

News Desk
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बाहरी दिल्ली। स्वरूप नगर में किशोरी की कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वत: संज्ञान लिया है।

आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की समयबद्ध और गंभीरता से जांच कराने को कहा है। आयोग ने सात दिन के भीतर पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

फोरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश

एनसीडब्ल्यू ने सभी फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। आयोग ने पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत उचित कार्रवाई करने को कहा है।

आयोग ने 16 से 18 वर्ष की आयु के आरोपितों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 15 के तहत प्रारंभिक मूल्यांकन किए जाने की बात भी कही है।

परिवार को सुरक्षा और कानूनी मदद

एनसीडब्ल्यू ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के साथ कानूनी सहायता, परामर्श और मुआवजा उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई है। आयोग ने पुलिस से मामले में अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।

तीन नाबालिग समेत चार आरोपित पकड़े

पुलिस ने मामले में तीन नाबालिगों समेत चार आरोपितों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों के पास से दो चाकू, वारदात के समय पहने गए कपड़े और टेंपो बरामद किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त लोकेश वरन के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में घटना के आसपास एक संदिग्ध टेंपो की आवाजाही दिखाई दी।

अंधेरा होने के कारण उसका नंबर स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके बाद अलग-अलग कैमरों की फुटेज जोड़कर टेंपो के रूट का पता लगाया गया।

पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर की रात टेंपो खड्डा कॉलोनी में खड़ा मिला। चालक की पहचान कर पूछताछ के बाद तीन नाबालिगों समेत चार आरोपितों को पकड़ा गया।

पहचान के बाद सामने आई नाबालिग होने बात

13 सितंबर की सुबह स्वरूप नगर थाना पुलिस को कुशक रोड स्थित लाल बाउंड्री के पास जयपाल राणा के खेत के समीप खुले मैदान में क्षत-विक्षत हालत में शव मिला था। जानवरों के शव को नोंच खाने के कारण शुरुआत में मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी।

क्राइम और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बाद में शव की पहचान महिला के रूप में हुई, लेकिन पहचान होने के बाद पता चला कि मृतका नाबालिग थी।

पुलिस अब किशोरी की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उम्र निर्धारित करने के लिए अस्थि परीक्षण पर भी विचार किया जा रहा है।

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