नोएडा। सेक्टर-150 में एटीएस प्रिस्टीन और ऐश गोल्फ सफायर के बीच सर्विस रोड पर बुधवार दोपहर प्राधिकरण टीम ने अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कुछ देर बाद एटीएस प्रिस्टीन के लोगाें ने धार्मिक स्थल तोड़ने और मूर्तियां खंडित करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। कार्रवाई से नाराज लोगों ने स्थल के पास इकट्ठा होकर वहां दीये जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
आरोप ये भी है कि ध्वस्तीकरण से पहले प्राधिकरण या पुलिस प्रशासन ने एओए पदाधिकारियों को भी सूचना नहीं दी। वहीं, प्राधिकरण अधिकारियों का दावा है कि अवैध निर्माण के लिए पांच दिनों सोसायटी के हर फ्लैट और एओए आफिस व सुरक्षा इंचार्ज से संपर्क किया जा रहा था, लेकिन कोई भी पक्ष अधिकृत रूप से जिम्मेदारी लेने के लिए सामने नहीं आया। प्रदर्शनकारी अब बृहस्पतिवार को स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण में अधिकारियों को शिकायत देंगे।
एटीएस प्रिस्टीन के निवासी विशाल गोयल ने बताया कि छह-सात महीने पहले सोसायटी के गेट नंबर-दो के पास और ऐश गोलसफायर के बीच जगह पर धार्मिक स्थल का निर्माण हुआ था, जो प्राधिकरण की जमीन नहीं थी। यहां सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में दादरी विधायक तेजपाल नागर भी आए थे।
उनका दावा है कि धार्मिक स्थल का निर्माण एओए के पदाधिकारियों और लोगों ने मिलकर कराया था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे तमाम लोगों को वाट्सएप पर सूचना मिली कि प्राधिकरण की टीम ने धार्मिक स्थल को अवैध निर्माण बता कर ध्वस्त कर दिया है, जिसमें मूर्तियां भी खंडित हाे गईं।
इस पर लोगों का गुस्सा बढ़ गया और सभी पांच बजे तक आफिस से निकलकर मौके पर इकट्ठा होने लगे। प्राधिकरण की कार्रवाई से भड़के लोगों ने क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थल परिसर के पास दीये जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
लोगों ने नाराजगी जाहिर कर कहा कि प्राधिकरण को धार्मिक स्थल से मूर्तियां हटाने का समय देना चाहिए था, लेकिन सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे और किसी ने सोसायटी में संपर्क नहीं किया। इस दौरान गौरव गोयल, जितेंद्र, नवनीत, भरत, मनीष, लता गोयल, रवि बाली, गौरव गुप्ता, रजनी, स्वाति गार्गी, स्मिता समेत 150-200 लोग मौजूद रहे।
एओए अध्यक्ष ने अचानक दिया इस्तीफा
लाेगों का कहना है कि सोसायटी में एक महीने पहले ही एओए पदाधिकारियों का चुनाव हुआ था। इसमें एडमिरल सतीश बजाज को अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन उन्होंने दो दिन पूर्व ही पहली जनरल बाडी मीटिंग में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अन्य पदाधिकारियों से भी कोई सूचना नहीं मिली थी।
प्राधिकरण का वर्जन
वर्क सर्किल दस वरिष्ठ प्रबंधक विश्वास त्यागी ने बताया कि सर्विस रोड पर अतिक्रमण के बाद किए गए अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इसमें किसी धार्मिक स्थल को क्षति नहीं हुई है। अवैध निर्माण की प्राधिकरण में शिकायत मिलने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। सोसायटी के आपसी विवाद के कारण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को धार्मिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
नोएडा प्राधिकरण की टीम ने अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय पुलिस बल के साथ विशेष अभियान चलाया था। इसमें सेक्टर-150 से 156 स्थित झट्टा गांव में अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर कार्रवाई की गई है। इसमें खसरा संख्या 328 पर अज्ञात लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर कालोनी काटी जा रही थी।, जिसे कब्जामुक्त कराया है। धार्मिक स्थल ध्वस्त करने की जानकारी नहीं है। – एके अरोड़ा, महाप्रबंधक (सिविल) नाेएडा प्राधिकरण
एओए के पदाधिकारी का बयान
मैं केवल एक महीने के लिए अध्यक्ष बना था। पिछले दिनों मेरी आंखों की जांच हुई थी, जिसमें गंभीर समस्या आई है। स्वास्थ्य कारणों से मैंने पहली जीबीएम में इस्तीफा दे दिया था। मंदिर निर्माण के बारे में काेई जानकारी नहीं है। प्राधिकरण टीम ने भी कोई संपर्क नहीं किया। – एडमिरल सतीश बजाज पूर्व अध्यक्ष, एओए
