नोएडा। हरनंदी किनारे छिजारसी के डूब क्षेत्र में में बिजली चोरी का बड़ा सिंडिकेट चल रहा है। करीब 20 हजार घरों में बिना कनेक्शन के हर महीने 1.5 से 1.8 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। वसूली की यह रकम सिंडिकेट की जेब में पहुंच रही है।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को फटकार लगाई और पूरा जवाब तलब किया। हरनंदी किनारे डूब क्षेत्र में हर महीने 1.5 करोड़ से 1.8 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है।
20 हजार घरों में चल रहा बिजली चोरी का खेल
साल 2017 तक यहां छह हजार कनेक्शन दिए गए थे। उसके बाद नए कनेक्शन पर रोक लग गई। कनेक्शन न मिलने पर ठेकेदारी व्यवस्था शुरू हो गई। ठेकेदारों ने कालोनी के अंदर अपना पूरा इंफ्रा तैयार कर लिया। उन्होंने खंभे लगाए। विद्युत निगम की मिलीभगत से तार खींचे और छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली शुरू कर दी।
अभी करीब 20 हजार घरों में चोरी की बिजली चल रही है। ठेकेदारों ने गलियां बांट रखी हैं। हर घर से 500 से 1500 रुपये प्रतिमाह वसूले जा रहे हैं। यह सब विद्युत निगम की मिलीभगत से हो रहा है।
डूब क्षेत्र में वर्ष 2020 में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई थी। 2024 में हाईकोर्ट के आदेश पर यह रोक हटी लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश पर बिजली कनेक्शन पर रोक बनी रही। डूब क्षेत्र में कनेक्शन देने का प्रस्ताव तीन बार शासन के सामने रखा गया लेकिन मंत्रिमंडल से मंजूरी नहीं मिली।
फटकार के बाद हटाई केबलें
मुख्यमंत्री ने विद्युत निगम के अध्यक्ष को फटकार लगाई तो पीवीवीएनएल (पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) गौतमबुद्ध नगर के अधिकारी सक्रिय हुए। छिजारसी की चोटपुर कालोनी में निगम की टीम पहुंची और तारों को उतारकर कार्रवाई शुरू की गई है।
