नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स में बवाल: डिलीवरी ब्वॉय की एंट्री रोकने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, मेंटेनेंस ऑफिस में जड़ा ताला

News Desk
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स सोसायटी में डिलीवरी ब्वॉय और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक के विरोध में महिलाओं ने मेंटेनेंस कार्यालय को बंद कर दिया।

बता दें कि सोमवार को शुरू हुए बवाल के बाद मंगलवार सुबह जब फिर से प्रवेश नहीं दिया गया तो बड़ी संख्या में महिलाएं मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचीं और वहां मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालकर कार्यालय का गेट बंद कर दिया।

महिलाओं ने मेंटेनेंस प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध जताया। वहीं, पुलिस मौके पर पहुंच कर मामला शांत कराया। इसके बाद सोसायटी में डिलीवरी ब्वॉय के प्रवेश की प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।

डिलीवरी ब्वॉय को रोकने पर विवाद

लोगों का आरोप है कि मेंटेनेंस प्रबंधन की मनमानी के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी सामान लेकर आने वाले डिलीवरी ब्वॉय को सोसायटी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

इसके अलावा रिश्तेदारों और घरेलू सहायिकाओं के प्रवेश को लेकर भी दिक्कतें खड़ी की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें सोसायटी के गेट तक जाना पड़ रहा है।

लोगों ने बताया कि सोसायटी में मूलभूत सुविधाओं में कमी और व्यवस्थाओं से नाराज होकर करीब दो महीने से बड़ी संख्या में लोगों ने मेंटेनेंस शुल्क देना बंद कर दिया है।

आरोप है कि इसके बाद बिल्डर प्रबंधन की ओर से अलग-अलग तरीकों से लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले सोसायटी में घरों से कूड़ा उठना भी बंद हो गया था। वहीं, अब डिलीवरी ब्वॉय को अंदर आने नहीं दिया जा रहा है।

20 मिनट तक बंद रहा कार्यालय

सोमवार रात भी डिलीवरी ब्वॉय के प्रवेश को लेकर लोगों ने सोसायटी के गेट पर एकत्रित होकर विरोध जताया था। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया था।

इसके बावजूद मंगलवार सुबह दोबारा डिलीवरी ब्वॉय को प्रवेश नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और महिलाएं मेंटेनेंस कार्यालय पहुंच गईं और करीब 20 मिनट तक कार्यालय को बंद कर अपना विरोध जताया। वहीं, इसके बाद सोसायटी के मुख्य गेट पर लोगों द्वारा प्रबंधन के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया गया।

लिफ्ट व फायर एनओसी पर सवाल

लोगों का आरोप है कि सोसायटी में फायर एनओसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, लिफ्ट के रखरखाव में भी लापरवाही बरती जा रही है। आरोप है कि आए दिन लोग लिफ्ट में फंस जाते हैं। सोसायटी का स्ट्रक्चरल ऑडिट भी नहीं कराया जा रहा है।

कई जगह प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंचा है और कई बार लोग भी हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। लोगों ने मौजूदा मेंटेनेंस एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी नियुक्त करने की मांग की है।

उनका कहना है कि हर महीने मेंटेनेंस शुल्क लेने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। अब जब लोगों ने शुल्क देना बंद किया तो उन पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। लोगों ने प्राधिकरण और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।

बिना सुविधाओं के लोगों से लगातार मेंटेनेंस शुल्क लिया गया। अब जब निवासी अपनी आवाज उठा रहे हैं तो उन्हें परेशान करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। प्राधिकरण और प्रशासन को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।

– दिनकर पांडे, निवासी

मेंटेनेंस प्रबंधन लगातार मनमानी कर लोगों को परेशान कर रहा है। अब इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और मेंटेनेंस एजेंसी को हटाने की मांग की जाएगी।

– सुल्तान सिंह, निवासी

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