48 वें दिन भी नहीं टूटा कनावनी के किसानों का हौसला, न्यायालय के आदेशों के पालन पर अड़े किसान

News Desk
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कनावनी। कनावनी गांव के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना बुधवार को लगातार 48 वें दिन भी जारी रहा। किसान माननीय न्यायालय, विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने तथा अपनी जमीनों से संबंधित रिकॉर्ड में किसानों के नाम बहाल कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं
किसानों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्राधिकरण को दी गई निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद प्राधिकरण द्वारा अवार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी किए जाने से किसानों में भारी रोष है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है तो अब प्राधिकरण को अवार्ड बनाने की प्रक्रिया तत्काल बंद करनी चाहिए और न्यायालय के आदेशों का पालन करना चाहिए।
किसानों का कहना है कि अब वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनकी मांग है कि जिन जमीनों के राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम काटे गए हैं, उनमें किसानों के नाम पुनः बहाल किए जाएं और जमीनों को किसानों के नाम वापस दर्ज किया जाए।
किसान परवीन नागर और अशोक कसाना ने कहा कि किसानों का संघर्ष पूरी मजबूती और शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। जब तक किसानों के नाम बहाल नहीं होंगे, तब तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह धरना पिछले 48 दिनों से लगातार जारी है और आगे भी यथावत चलता रहेगा। यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरण से मांग की कि मामले में न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए किसानों की जमीनों के रिकॉर्ड में उनके नाम बहाल किए जाएं और अवार्ड बनाने की प्रक्रिया को बंद किया जाए।
आज धरना स्थल पर प्रमुख रूप से लखी राम शर्मा, महेंद्र नागर, सुखबीर नागर, मथन सिंह नागर, श्रीचंद नागर, कबूल सिंह नागर, चतर सिंह नागर, दीपचंद, विनोद नागर, सतीश ,परवीन नागर नागर,अशोक कसाना आदि किसान मौजूद रहे।

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