नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीते 30 जुलाई को कंझावला इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के तीसरे शूटर अर्जुन उर्फ प्रमोद को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी अर्जुन विरोधी गोगी-दिनेश कराला गिरोह के बदमाश हरीश माथुर की हत्या की वारदात में सीधे तौर पर शामिल था। वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहा था।
हत्याकांड में शामिल दो अन्य शूटर राहुल रंगा और साहिल उर्फ विशाल को रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए हुई मुलाकात
डीसीपी चंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, अर्जुन पंडित उर्फ प्रमोद, सोनीपत का रहने वाला है और वहीं पर पहले पानी की बोतल सप्लाई करने वाली गाड़ी चलाता था। उसके ममेरे भाई की मुलाकात एक ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए राहुल रंगा से हुई थी।
रोहिणी के एक होटल में साथ बैठकर शराब पी
राहुल ने जल्द अमीर बनने और पैसों का लालच देकर अर्जुन को टिल्लू ताजपुरिया गिरोह में शामिल करा दिया था। 30 जुलाई को हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले तीनों आरोपियों ने रोहिणी के एक होटल में साथ बैठकर शराब पी। इस दौरान वे एन्क्रिप्टेड कालिंग एप के जरिए टिल्लू गिरोह के आकाओं से लगातार निर्देश ले रहे थे।
योजना के तहत अर्जुन बाइक चला रहा था, जबकि राहुल रंगा और साहिल पीछे बैठे थे। तीनों ने पहले कराला स्थित हरीश माथुर के दफ्तर की रेकी की। उसके बाद दफ्तर से घर लौटते समय अर्जुन ने बाइक से हरीश का पीछा किया और नजदीक पहुंचते ही बाइक रोक ली।
बेरहमी से की थी हत्या
इसके बाद राहुल और साहिल ने हरीश माथुर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के राहुल और साहिल ने अर्जुन को सोनीपत में छोड़ दिया और कुछ दिन तक उसे भूमिगत रहने को कहा। वे आगे की योजना के लिए दोबारा संपर्क करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही दोनों पकड़े गए।
अर्जुन को पकड़ने के लिए डीसीपी चंद्र कुमार सिंह और एसीपी उमेश भर्थवाल व इंस्पेक्टर योगेश कुमार और विनोद यादव की टीम ने 22 अगस्त को गुप्त सूचना के आधार पर राई, सोनीपत से आरोपी को दबोच लिया।
