पति का दावा—”लेस्बियन रिलेशनशिप छुपाने के लिए रची गई साजिश”
नोएडा। नोएडा निवासी एक युवक ने अपनी पत्नी और उसकी महिला मित्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसे जबरन अगवा कर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। युवक ने दावा किया है कि यह साजिश एक समलैंगिक रिश्ते को छिपाने और संपत्ति हड़पने के इरादे से रची गई।
नीरज वत्स पुत्र के एम शर्मा, निवासी जी-85, सेक्टर 9, नोएडा ने बताया कि 26 फरवरी 2024 की रात उन्हें उनकी फैक्ट्री से अगवा कर देहरादून स्थित ‘तपस्थली’ नामक नशा मुक्ति केंद्र में जबरन भर्ती कराया गया। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी ममता और उसकी महिला मित्र मीनू शर्मा ने मिलकर यह साजिश रची।
पीड़ित का कहना है कि वे किसी भी प्रकार के नशे के आदी नहीं हैं, फिर भी उन्हें जबरन ‘नशा मुक्ति’ के नाम पर कैद किया गया। नशा मुक्ति केंद्र में तुषार वैद्य, श्रेष्ठ पुंढीर, दीपक शर्मा और चांद मोहम्मद नामक व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जान से मारने की भी कोशिश की गई।
नीरज का आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी में उनकी फैक्ट्री का सारा सामान, वाहन, मोबाइल फोन, लैपटॉप, डेस्कटॉप, नकदी, आभूषण और ईमेल आईडी का पासवर्ड भी ले लिया गया, जिससे उनका व्यापार ठप हो गया है।
पीड़ित ने दावा किया कि किसी तरह वह तपस्थली से भाग निकले और नोएडा पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले उनके पिता की ओर से दी गई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में जब उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की, तब जाकर पुलिस ने संज्ञान लिया, लेकिन जांच में पत्नी और उसकी मित्र को क्लीन चिट दे दी।
नीरज ने बताया कि जब उन्होंने मीनू शर्मा के माता-पिता से संपर्क किया, तो ममता ने ‘तपस्या फाउंडेशन’ के कुछ लोगों को साथ लेकर उनका फिर से अपहरण कराने की कोशिश की। हालांकि, समय पर सूचना देने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस को दो बार अपहरण की शिकायत दी, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपियों की ओर से उन्हें और उनके परिजनों को जान का खतरा है।
