
नोएडा: यहां और ग्रेटर नोएडा में यदि छोटे प्लॉट पर घर बनाना हो तो अब यह काम आसान हो जाएगा। ऐसे घरों के नक्शे की मंजूरी में अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। यूपी सरकार ने मॉडल भवन विनियम-2026 के अंतर्गत छोटे घरों के निर्माण के लिए इजाजत देने की प्रक्रिया आसान बना दी है। यह व्यवस्था सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में बनाई जा रही है। इन स्थानों पर छोटे प्लॉटों पर निर्माण के लिए नक्शे की मंजूरी के लिए लंबा इंतजार अब नहीं करना पड़ेगा।
मॉडल भवन विनियम-2026 के तहत 500 वर्गमीटर तक के आवासीय और 200 वर्गमीटर तक के वाणिज्यिक उपयोग के प्लॉटों पर तय शर्तें पूरी किए जाने पर नक्शे को स्वतः मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा 100 वर्गमीटर तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉटों पर किफायती आवास का निर्माण करने के लिए एक रुपये के टोकन शुल्क पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्व प्रमाणन का इंतजाम किया गया है।
प्राधिकरणों को भेजा गया नए नियमों का ब्यौरा
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने इस नई व्यवस्था को स्वीकृति दे दी है। शासन की ओर से नए नियम राज्य के प्राधिकरणों को भेज दिए गए हैं। बताया जाता है कि नोएडा प्राधिकरण का नियोजन विभाग इसका अध्ययन कर रहा है। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
नए नियमों के तहत तय सीमा से बड़े और 500 वर्गमीटर तक के आवासीय व 200 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक प्लॉटों पर निर्माण के लिए रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाना होगा। इसके पश्चात निर्धारित शुल्क के साथ यह नक्शा प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। यदि निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन और दस्तावेज जमा किए जाएंगे तो नक्शे को अपने आप मंजूरी मिल जाएगी। यह व्यवस्था प्राधिकरण की ओर से आवंटित या स्वीकृत प्लॉट पर ही लागू होगी।
शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगी मंजूरी
नक्शे को अपने आप स्वीकृति तभी मिलेगी जब वह निर्माण प्राधिकरण की मानक डिजाइन के अनुरूप होगा। यह जरूरी होगा कि सेटबैक और खुले क्षेत्र में निर्धारित मानकों के अनुसार कोई परिवर्तन न किया जाए। यह शर्तें यदि पूरी की जाती हैं तो नक्शे को बिना किसी देरी के मंजूरी मिल जाएगी। यदि पुराना निर्माण तोड़कर उस स्थान पर नया निर्माण किया जाता है तो इसमें भी तय शर्तों के अंतर्गत यही व्यवस्था लागू होगी।
नोएडा में 33 हजार आवासीय प्लॉट हैं। नई व्यवस्था में पात्रता रखने वाले छोटे निर्माण के लिए टोकन शुल्क एक रुपया है। इसमें 40 रुपये प्रति वर्गमीटर नक्शा स्वीकृति शुल्क लगेगा और 35 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से कम्पलीशन सर्टिफिकेट का शुल्क लगेगा।
नोएडा में करीब 33 हजार आवासीय प्लॉट
नोएडा में हजारों लोगों को आवासीय प्लॉट आवंटित किए गए हैं। नई व्यवस्था से इन लोगों को राहत मिल सकेगी। नोएडा में करीब 33 हजार आवासीय प्लॉट हैं। इनमें 500 वर्गमीटर से बड़े आकार के प्लॉटों की संख्या कम है। फिलहाल लागू व्यवस्था के तहत निर्माण प्रारंभ करने से पहले नक्शा स्वीकृत कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 15 दिनों में नियोजन विभाग के चार स्तरों पर परीक्षण के बाद नक्शा स्वीकृत करने की व्यवस्था है। हालांकि अक्सर इसमें देरी होती है। लोगों को प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नई व्यवस्था में नियमों में ढील देने के साथ जवाबदेही भी निर्धारित की गई है। यदि नक्शे में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है या फिर भवन निर्माण के मानकों का उल्लंघन किया जाता है तो प्राधिकरण स्वीकृति को रद्द कर सकता है। प्राधिकरण को आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर और उसके बाद भी नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
