स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी साजिश का खुलासा, चार राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

News Desk
5 Min Read

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश को दहलाने की पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के एक बड़े और बहु-स्तरीय नापाक मंसूबे का भंडाफोड़ हुआ है। हाल के दिनों में पंजाब, बंगाल और दिल्ली से जुड़े चार शहरों अमृतसर, तरनतारन, वर्धमान और दिल्ली से 12 संदिग्धों (चार नाबालिग शामिल) की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई है।

इनसे पूछताछ में सामने आया है कि आतंकी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, विशेषकर काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में वारदात करने की फिराक में थे। चार राज्यों और राजधानी में सक्रिय इन आतंकी माड्यूल के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों समेत तमाम केंद्रीय एजेंसियां 24 घंटे सतर्कता बरतते हुए ”जी-जान” से सुरक्षा तैयारियों में जुट गई हैं।

स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि सीमा पार से बैठे आइएसआइ हैंडलर्स, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और पाकिस्तान इंटेलिजेंस आपरेटिव्स अलग-अलग राज्यों में स्थानीय गुर्गों के माध्यम से सुनियोजित जासूसी और आतंकी नेटवर्क चला रहे थे।

बंगाल के वर्धमान थाने में 31 जुलाई को दर्ज एफआइआर और दिल्ली से मिले इनपुट के आधार पर गिरफ्तार मोहम्मद हमीम मंडल उर्फ हमीम फुएगो (बर्धमान) और अर्पिता (झारखंड) पाकिस्तान स्थित आतंकियों और आएएसआइ आपरेटिव्स के लगातार संपर्क में थे।

आतंकियों की योजना पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर पर चल रहे काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों में शामिल होने और वहां हमला करने की थी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर भारी तबाही मचाई जा सके।

अर्पिता को बंगाल में मुख्यमंत्री के दफ्तर तक पहुंच बनाने और हनी ट्रैप के जरिए वीवीआइपी नेताओं की रेकी व हत्या का टास्क सौंपा गया था। एफआइआर में पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और मैक्सिको के कई फर्जी वाट्सएप नंबरों और एक्स अकाउंट्स का जिक्र है, जिनके जरिए राणा, जाहिर, आबिद और हामिद जैसे हैंडलर्स निर्देश दे रहे थे।

अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से संचालित दो आतंकी माड्यूलों का भंडाफोड़ कर चार नाबालिगों समेत नौ आतंकियों को दबेचा। पंजाब पुलिस की जांच में सामने आया कि यह समूह पहले भी जंतर-मंतर तक पहुंचा था, जहां स्थानीय सपोर्ट और मटेरियल उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, वे तब भी अंजाम नहीं दे सके थे।

तरनतारन पुलिस और बीएसएफ के संयुक्त आपरेशन में गांव वां तारा सिंह से मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर हथियारों का भारी जखीरा जब्त किया गया। एक आतंकी के मोबाइल से पाकिस्तान के 12 नंबर मिले हैं, जिनमें दो नंबर ”चाचा” और ”रहमान” नाम के कोड वर्ड से सेव थे। आतंकियों से बरामद कई आधुनिक विदेशी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मंगाए गए थे, जिनका इस्तेमाल गैंग्सटरों और पाकिस्तान इंटेलिजेंस आपरेटिव्स द्वारा 15 अगस्त से पहले टारगेट किलिंग और देश में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जाना था।

चार राज्यों में फैले इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद राजधानी में स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। पुलिस की वर्दी पहनकर हमले के इनपुट को देखते हुए लाल किला, जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास तैनात सभी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों का क्यूआर-कोड-आधारित और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है। जंतर-मंतर, नई दिल्ली ज़ोन और राजनीतिक संस्थानों के आसपास त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (एनएसजी व स्वाट व कमांडो) को तैनात किया गया है।

तरनतारन में ड्रोन से हथियारों की सप्लाई को देखते हुए दिल्ली के आसमान में बिना अनुमति वाले किसी भी फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। दिल्ली से लगी हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सभी सीमाओं पर 24 घंटे नाकेबंदी कर वाहनों की गहन जांच की जा रही है।

स्पेशल सेल, पंजाब पुलिस, बंगाल पुलिस और बीएसएफ मिलकर गिरफ्तार 12 आतंकियोें के अंतरराज्यीय और वित्तीय संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही हैं। स्वतंत्रता दिवस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और शहर के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है।

Share This Article
Leave a Comment