दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर रहेगी नजर

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. सत्र के सुचारु, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय और दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ सुबह 11 बजे होगी. सदन के इस सत्र को लेकर जहां एक ओर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं दूसरी ओर सदन के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट, कैग की लेखा परीक्षा रिपोर्ट और नए विधेयकों की प्रस्तुति शामिल होने के कारण राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी तेज हो गई है.

सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा पहरा: शुक्रवार से शुरू होने वाले इस मानसून सत्र के मद्देनजर विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक दिन पहले गुरुवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई. सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर में एक व्यापक मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तत्परता का पूरी तरह आकलन किया जा सके.

मॉक ड्रिल और उच्च स्तरीय समीक्षा: सुरक्षा समीक्षा बैठक में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव, संयुक्त पुलिस आयुक्त (नॉर्दर्न रेंज) मधुकर वर्मा, पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया, पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) हुकमाराम साई, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) निहारिका भट्ट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, बम डिस्पोजल स्क्वैड, डिटेक्टिव यूनिट, स्पेशल स्टाफ, स्वाट टीम, स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवाओं और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने भी बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया.

दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र में कैग रिपोर्ट और नए बिल पर टिकी निगाहें (ETV Bharat)सुरक्षा के मोर्चे पर कड़े कदम और विशेष इंतजाम: विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि मानसून सत्र के सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय मुकम्मल कर लिए गए हैं. सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सीआरपीएफ के जवानों सहित लगभग 130 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा.

कैग रिपोर्ट और नए बिल पर टिकी निगाहें (ETV Bharat)एसीपी स्तर के अधिकारी की स्थायी तैनाती: सुरक्षा को और अधिक अचूक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. विधानसभा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने तथा बाहरी दृश्य पहुंच को रोकने के लिए परिसर की परिधि पर व्यू कटर लगाए जा रहे हैं. साथ ही, बेहतर समन्वय के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के एक अधिकारी की विधानसभा में स्थायी तैनाती होगी और परिसर में दिल्ली पुलिस का एक समर्पित कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा. सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं और प्रवेश नियंत्रण प्रणाली को अत्यधिक मजबूत किया गया है.

प्रवेश केवल गेट संख्या-1 से ही संभव होगा: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संशोधित प्रवेश व्यवस्था के तहत अब विधानसभा परिसर में प्रवेश केवल गेट संख्या-1 से ही संभव होगा, जबकि अन्य सभी प्रवेश द्वारों का उपयोग नियंत्रित रखा जाएगा. किसी भी आपात स्थिति या संकट से तुरंत निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले से ही तैनात कर दी गई है. बैठक के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों, बलों की तैनाती, निगरानी एवं संचार प्रणालियों, आपातकालीन कार्ययोजना, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा चिकित्सा व अग्निशमन जैसी प्राथमिकताओं की भी बेहद बारीकी से समीक्षा की गई.

सत्र का मुख्य एजेंडा और कार्यसूची

आज आयोजित होने वाले सत्र की कार्यसूची के अनुसार सदन में कई अहम दस्तावेज और प्रस्ताव पटल पर रखे जाएंगे.

शोक संदर्भ : सत्र की शुरुआत दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी.

विशेष उल्लेख (Rule-280): नियमावली के नियम-280 के तहत माननीय सदस्य पीठासीन अधिकारी की अनुमति से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को सदन के समक्ष उठाएंगे.

पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेज : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी.

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद सदन के पटल पर दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (दूसरा संशोधन) विनियम, 2026 तथा दिल्ली विद्यालय शिक्षा (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2026 से संबंधित अधिसूचनाएं रखेंगे. उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट और सदस्य अभय वर्मा द्वारा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की पांचवीं रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जाएगी.

कई अहम मुद्दों पर गहमागहमी की स्थिति: सत्र के पहले दिन पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा सदन की अनुमति से ‘द दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रिपील) बिल, 2026’ (वर्ष 2026 का विधेयक संख्या-08) को सदन में पुनः स्थापित और प्रस्तुत करेंगे. बीते दिनों मालवीय नगर ईलाके में होटल में आगजनी की घटना और 23 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने बेड एंड ब्रेक फ़ास्ट योजना के स्वरूप को बदलने का फैसला लिया था. सुरक्षा के चाक-चौबंद पहरे और महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे के साथ शुरू हो रहे इस मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर तीखी राजनीतिक बहस और कई अहम मुद्दों पर गहमागहमी देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है.

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