जीटी रोड के चौड़ीकरण का सर्वे हुआ पूरा, एनएचएआई ने 18 करोड़ का टेंडर किया अलॉट, जाम से मिलेगी राहत

Amit
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कुल 5.5 मीटर तक चौड़ा होगा जीटी रोड

हरियाणा।  टेक्सटाइल नगरी पानीपत को अब जल्द जाम से राहत मिलेगी। इस साल के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक जीटी रोड के चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। इसके लिए एनएचएआई ने पूरी प्लानिंग कर ली है। तहसील कैंप से सेक्टर-11 कट तक जीटी रोड कुल 5.5 मीटर तक चौड़ा होगा। इसके लिए सर्वे पूरा हो चुका है।  इसके अलावा समालखा में भी जीटी रोड चौड़ा होना है। इसके लिए एनएचएआई वहां चार दिन का सर्वे कर रही है। इस सर्वे के बाद वहां भी चौड़ीकरण का काम शुरू होगा।

नेशनल हाईवे ऑफ अथॉरिटी ने पानीपत में जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए 18 करोड़ का टेंडर अलॉट किया है। इसमें जीटी रोड और सर्विस लेन के बीच में बने फुटपाथ के नीचे वाले नाले को दुकानों के साथ शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, एलिवेटिड पुल के नीचे से ग्रिल को भी हटाकर पीछे किया जाएगा। इससे जीटी रोड की 3.5 मीटर से लेकर 5.5 मीटर की चौड़ाई बढ़ेगी। अभी जीटी रोड नौ मीटर चौड़ा है। 28 जून 2022 को पहली बार जीटी रोड की चौड़ाई शहर में बढ़ाने के लिए 23.38 करोड़ का टेंडर लगाया था, लेकिन बजट मंजूर ही नहीं हुआ तो 14 बार समय बढ़ाने के बाद रद्द कर दिया गया था।

रोड की चौड़ाई बढ़ने पर जाम से मिलेगी राहत
अभी सर्विस रोड पर भी वाहन खड़े रहते हैं और नाले के ऊपर भी। इस बार नाला यहां से हटाकर दुकान के साथ बनाया गया तो सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ जाएगी। इस तरह से जाम से थोड़ी राहत मिलेगी।

पानी जमा होने की समस्या भी कम होगी
अभी एलएंडटी का जो नाला है, उसकी 16 वर्षों से पूरी सफाई नहीं हुई है। दूसरी कई जगहों पर काम भी नहीं कर रहा। इस प्रोजेक्ट के तहत नए सिरे से दोनों ओर नाला बनाया जाएगा। इसलिए, जीटी रोड पर पानी जमा होने की समस्या कम होगी।

विधायक प्रमोद विज कई साल से कर रहे थे प्रयास
2008 में पानीपत में 403 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी नींव रखी थी। इस फ्लाईओवर को जाम से मुक्ति के लिए बनाया गया था लेकिन यह उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। इससे जाम की समस्या और अधिक गहरा गई। पिछले तीन साल से जीटी रोड के चौड़ीकरण के लिए विधायक प्रमोद विज प्रयास कर रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने भी रखा था। इसके बाद इसका प्रस्ताव एनएचएआई मुख्यालय भेजा गया था। वहां से छह माह पहले इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। अब इस पर काम शुरू होगा।

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