मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मजबूत अपील प्रणाली की उठाई मांग

Amit
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई और एक मजबूत अपीलीय तंत्र की जरूरत पर जोर दिया।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके लिए प्रभावी अपील व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में अपनाई गई प्रक्रिया को अन्य राज्यों से अलग बताते हुए ‘तार्किक विसंगति’ जैसी नई श्रेणी पर भी सवाल खड़े किए।

सुनवाई के दौरान उन्होंने यह भी इंगित किया कि पहले के मामलों, खासकर बिहार से जुड़े निर्णयों में यह कहा गया था कि पुराने मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन मौजूदा प्रक्रिया उस दिशा से अलग दिखाई देती है।

इसके अलावा, न्यायमूर्ति बागची ने मतदान प्रतिशत और चुनावी परिणामों पर भी महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर बड़ी संख्या में मतदाता वोट नहीं कर पाते और जीत का अंतर बहुत कम होता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में लगे अधिकारियों की स्थिति का भी जिक्र करते हुए कहा कि सीमित समय में हजारों दस्तावेजों की जांच करते हुए पूरी सटीकता की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है। ऐसे में अपील की मजबूत व्यवस्था लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी हो जाती है।

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