गाजियाबाद में संदिग्ध हालात में सुपरवाइजर की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

News Desk
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गाजियाबाद। एबीईएस कॉलेज के पास सुशांत एक्वापोलिस सोसायटी में एलआइयू में तैनात महिला दारोगा के निर्माणाधीन मकान की पहली मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर 45 वर्षीय सुपरवाइजर की मौत हो गई।

घटना 14 अगस्त की रात करीब पौने नौ बजे की है। मृतक के बेटे का आरोप है कि घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि अगले दिन 15 अगस्त की छुट्टी है और उसके बाद रविवार की छुट्टी है।

इसलिए पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर को होगा। पुलिसकर्मियों द्वारा यह बात बताने पर उन्होंने बिना पीएम कराए शव ले जाने पर सहमति जताई और पुलिस को लिखकर दिया। पीड़ित ने मामले में जांच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

मूल रूप से शाहजहांपुर के सिंधौली थानाक्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी 45 वर्षीय धीरेंद्र कुमार डूंडाहेड़ा में पत्नी और तीन बेटों के साथ किराए पर रहते थे और ठेकेदार फैजल रहमान के यहां सुपरवाइजर का काम करते थे। उनका एक बेटा 19 वर्षीय रामफूल लोनी में रहता है।

रामफूल के मुताबिक शुक्रवार रात करीब नौ बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता गिर गए हैं और उन्हें जिला एमएमजी अस्पताल लेकर गए हैं। जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तब वहां चिकित्सकों ने बताया कि उनके पिता को मृत अवस्था में लाया गया था।

’15 अगस्त की छुट्टी है तो पोस्टमार्टम नहीं होगा’

मृतक के पुत्र के मुताबिक जिला अस्पताल में उन्हें पता चला कि एलआइयू की महिला दारोगा बबीता के निर्माणाधीन मकान की छत से गिरकर उनके पिता की मृत्यु हुई है। उन्हें अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मियों और महिला दारोगा बबीता ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर को होगा क्योंकि शनिवार को 15 अगस्त की छुट्टी है और रविवार को भी छुट्टी है।

इसलिए वह चाहें तो अपनी मर्जी से पोस्टमार्टम नहीं कराने चाहते यह लिखकर दे दें तो अपने पिता का शव गांव लेकर जा सकते हैं। पीड़ित का कहना है कि अस्पताल में उन पर दबाव बनाया गया। उनके स्वजन को भी बिना पीएम कराए शव लेकर जाने के लिए समझाया गया और दबाव डाला गया। जिसके बाद वह शव ले जाने के लिए तैयार हुए।

पीड़ित का कहना है कि वह शव अपने गांव लाकर अंतिम संस्कार कर चुके हैं, लेकिन उन्हें लग रहा है कि उनके पिता के साथ कोई अनहोनी हुई है। हो सकता है कि उनका वहां किसी से विवाद हुआ हो और उनके पिता को धक्का दे दिया गया हो या उनके सिर में कोई भारी वस्तु मारकर प्रहार किया गया हो और फिर धक्का दे दिया गया हो। इसलिए वह गाजियाबाद वापस आकर पुलिस के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देंगे। जिससे पूरे मामले की जांच हो सके।

थाना पुलिस की लापरवाही, पोस्टमार्टम कराना चाहिए था

इस मामले में पूर्व बार सचिव प्रमोद शर्मा का कहना है कि क्रासिंग रिपब्लिक थाना पुलिस को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहिए। संदिग्ध परिस्थिति में एक व्यक्ति की गिरने से मौत हो गई और पुलिसकर्मी खुद मृतक के बेटे को झूठ बाेले कि 15 अगस्त को छुट्टी के कारण पोस्टमार्टम नहीं होगा।

रविवार को भी छुट्टी रहेगी इसलिए सोमवार को पीएम होगा और शाम तक उन्हें शव मिलेगा। यही वजह रही कि मृतक का बेटा तीन दिन इंतजार करने की बजाय उसी रात शव गांव ले जाने पर राजी हुआ।

मृतक के स्वजन ने लिखकर दिया है कि वह पोस्टमार्टम नहीं चाहते इसलिए शव बिना पीएम कराए उनके सुपुर्द किया गया है। सुपरवाइजर की संतुलन बिगड़ने के कारण निर्माणाधीन मकान से गिरकर मौत हुई है।

प्रियाश्री पाल, एसीपी वेव सिटी

हादसे वाली रात करीब पौने नौ बजे धीरेंद्र सुपरवाइजर हमारे निर्माणाधीन मकान पर कामगार को भुगतान करने आया था, लेकिन कुछ देर बाद ही वापस चला गया। कुछ देर बाद दोबारा धीरेंद्र आया इसी बीच संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिरने पर मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के लिए हमने मना नहीं किया था।

बबीता, दारोगा, एलआइयू

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