सोनिया विहार हत्याकांड का पर्दाफाश: प्रेम प्रसंग के चक्कर में रची गई थी मनीष यादव की साजिश, दो नाबालिगों समेत सात आरोपी गिरफ्तार

News Desk
6 Min Read

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में मनीष यादव (34) की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ा है. इनमें दो कानून से संघर्षरत नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच में हत्या के पीछे कथित प्रेम प्रसंग और मृतक की पत्नी से शादी करने की मंशा सामने आई है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. मामले में हथियार मुहैया कराने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया है.

पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात करीब 9:10 बजे सोनिया विहार के 4.5 पुश्ता इलाके में एक व्यक्ति को गोली मारने की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि घायल मनीष यादव को पड़ोसी इलाज के लिए सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले जा चुके हैं. इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई. शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि हेलमेट पहने बाइक सवार दो बदमाशों ने मनीष के सिर में नजदीक से गोली मारी और फरार हो गए.

200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने मामले की जांच के लिए सोनिया विहार थाना, एएटीएस और स्पेशल स्टाफ की कई टीमें गठित कीं. एसीपी यतिन शर्मा की निगरानी में पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. चश्मदीदों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों से पूछताछ के दौरान शुरुआती बयानों में विसंगतियां सामने आईं. इसके बाद पुलिस ने हत्या की साजिश की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया.

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि उमेश मौर्य उर्फ मयंक ने कथित तौर पर मनीष को घटनास्थल पर बुलाया था. पुलिस का आरोप है कि उमेश की वैवाहिक जिंदगी में तनाव था और तलाक का मामला अदालत में लंबित था. वह मनीष की पत्नी से शादी करना चाहता था और इसी वजह से उसने मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रची.

दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, उमेश मौर्य और विवेक सिंह ने कथित तौर पर दो नाबालिगों को दो लाख रुपये में हत्या करने के लिए तैयार किया था. वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भिम सिंह से और कारतूस उस्मानपुर के एक व्यक्ति से हासिल किए जाने की बात जांच में सामने आई है. बाइक की व्यवस्था भी एक अन्य सहयोगी के जरिए किए जाने का आरोप है. पुलिस ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.

जांच के मुताबिक, 10 अक्टूबर को भी हत्या की कोशिश की योजना बनाई गई थी, लेकिन मनीष के रोहिणी से सोनिया विहार लौटने से इनकार करने के कारण योजना सफल नहीं हुई. 13 अक्टूबर को मनीष की लोकेशन का पता लगाने के बाद आरोपी कथित तौर पर 4.5 पुश्ता के पास इकट्ठा हुए. मनीष को घर से बाहर बुलाने के लिए एक हजार रुपये लौटाने का बहाना बनाया गया. पुलिस का आरोप है कि उमेश ने मनीष को 100 रुपये यूपीआई से भेजे और नकद लौटाने के लिए बाहर बुलाया. मनीष के बाहर आते ही दोनों नाबालिगों ने उसके सिर के पास गोली मार दी. आरोपियों ने तीन राउंड फायर करने की कोशिश की, लेकिन तीसरी गोली कथित तौर पर पिस्टल में फंस गई.

यमुना खादर में छोड़ी बाइक, हथियार सप्लायर भी पकड़ा

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद बाइक को यमुना खादर के रिज क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जबकि पिस्टल विवेक सिंह के पास वापस पहुंचा दी गई. हथियार मुहैया कराने के आरोप में पकड़े गए भिम सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि पिस्टल उसके उस भाई की थी, जिसकी करीब तीन साल पहले तिमारपुर इलाके में हत्या हुई थी. पुलिस इस दावे और हथियार के स्रोत की भी जांच कर रही है. पुलिस ने विवेक सिंह, उमेश मौर्य उर्फ मयंक, आनंद, नितिन उर्फ नरेंद्र और भिम सिंह को पकड़ा है. इनके अलावा दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है. बरामदगी में एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं.

पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन को अहम जांच कड़ी बताया है. पुलिस टीम में सोनिया विहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रफुल्ल कुमार झा, एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक पांडे, एटीओ इंस्पेक्टर दीपक वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे. कार्रवाई एसीपी यतिन शर्मा के नेतृत्व में और अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय अरविंद कुमार की निगरानी में की गई. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, हथियार और कारतूस की आपूर्ति और पैसों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की पुष्टि की जा रही है.

Share This Article
Leave a Comment