तो देहरादून की कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं सीएम धामी, राजनीतिक गलियारों में अचानक तैरने लगी चर्चा

Rohit Kumar
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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) का कैंट विधानसभा सीट (Dehradun Cantt Assembly) में पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर दिया गया बयान हो सकता है कि विपक्ष को गुमराह करने का काम करे, लेकिन सवाल यही है कि आखिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगले 6 महीने के भीतर उपचुनाव प्रदेश की कौन सी सीट से लड़ेंगे. दरअसल, बुधवार को बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे.

कार्यक्रम के दौरान एक विशाल रोड शो भी कैंट विधानसभा क्षेत्र के जीएमएस रोड से होते हुए घंटाघर तक निकाला गया. इस दौरान कैंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जीएमएस रोड पर चल रहे पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कैंट विधानसभा सीट को लेकर कुछ ऐसा कहा जिसके बाद सभी राजनीतिक पंडित सोचने के लिए मजबूर हो गए.

सीएम धामी के बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल.

कैंट विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह पिछले 21 सालों से कैंट विधानसभा क्षेत्र में ही रह रहे हैं. कैंट विधानसभा सीट में मौजूद सभी बड़े कार्यकर्ताओं के वो पुराने जानने वाले हैं और सभी से उनके अच्छे संबंध हैं. दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी यमुना कॉलोनी में पिछले लंबे समय से रह रहे हैं. यमुना कॉलोनी, कैंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यही नहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बातों-बातों में यह भी कहा कि कैंट विधानसभा सीट में मौजूद सभी बड़े कार्यकर्ताओं के वो पुराने जानने वाले हैं. सभी से उनके अच्छे संबंध है.

राजनीतिक पंडित मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की इस बात से जोड़कर देख रहे हैं कि क्या वो कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. वहीं, एक तबके का यह भी मानना है कि यह बयान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है. इस बयान के बाद जहां मुख्यमंत्री की चर्चाएं एक तरफ चंपावत से चुनाव लड़ने की हैं और दूसरी तरफ अगर कैंट विधानसभा सीट से भी इस तरह की चर्चाएं होती हैं, तो कहीं ना कहीं विपक्ष भी गुमराह होगा और उसकी ताकत भी बंटेंगी. ऐसे में देखना होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आखिर चुनाव कहां से लड़ते हैं.

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