श्रद्धा हत्याकांड: साकेत कोर्ट ने अमेरिका और ब्रिटेन के टेक अधिकारियों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज करने की दी अनुमति

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली के साकेत कोर्ट ने श्रद्धा मर्डर केस में कुछ टेक कंपनी के विदेश में रहने वाले चार नोडल अधिकारियों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए रिकॉर्ड करने की इजाजत दे दी है. एडिशनल सेशंस जज हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने यह आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी. दिल्ली पुलिस ने जिन चार गवाहों को पेश करने की अनुमति मांगी थी, वे सभी बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े हैं. इनमें एड्रियन सिल्वेरा, शेल्बी स्मिथ, आरती सेठ ल्यूक मित्सी शामिल हैं. ये अधिकारी अमेरिका और ब्रिटेन में रहते या काम करते हैं. मामले में कोर्ट अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है.

साकेत कोर्ट ने 9 मई, 2023 को इस मामले के आरोपी आफताब के खिलाफ हत्या करने का आरोप तय कर दिया था. कोर्ट ने आफताब पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201( सबूतों को नष्ट करने) के तहत आरोप तय किये थे. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि आफताब ने सोच समझ कर इस घटना को अंजाम दिया है. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य से पता चलता है कि श्रद्धा और आफ़ताब का लिव-इन रिलेशन हिंसक था. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि श्रद्धा एक ऐप के जरिये डॉक्टरों से परामर्श भी ले रही थी. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में श्रद्धा की काउंसलिंग का वीडियो प्ले कर के दिखाया था जिसमें श्रद्धा कह रही थी कि आफताब उसको खोज लेगा और मार देगा.

वहीं 7 फरवरी, 2023 को साकेत कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. 24 जनवरी, 2023 को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया था. चार्जशीट 6629 पेजों की है. चार्जशीट में आफताब को एकमात्र आरोपी बनाया गया है. चार्जशीट में करीब सौ गवाहों के अलावा फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया है.

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