
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को वैश्विक मेडिकल हब बनाने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली के मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटें 595 से बढ़ाकर 820 और पीजी सीटें 553 से बढ़ाकर 762 की जा रही हैं।
द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में 805.99 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानक के अनुसार प्रति हजार जनसंख्या पर पांच मेडिकल बेड होने चाहिए, जबकि दिल्ली में सरकारी क्षेत्र में दो और दोनों क्षेत्रों को मिलाकर करीब 2.5 बेड उपलब्ध हैं।
अस्पतालों के विस्तार के लिए 5 परियोजनाएं
सिविल लाइंस स्थित संत परमानंद अस्पताल में नवनिर्मित अत्याधुनिक आइवीएफ केंद्र के शुभारंभ पर सीएम ने कहा कि राजधानी दिल्ली में 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 29 जन औषधि केंद्र शुरू किए गए हैं। अस्पतालों के विस्तार के लिए 503.49 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं शुरू हुई हैं।
16 सरकारी अस्पतालों में 300 डायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र के पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच में दिल्ली सरकार ने पांच लाख रुपये जोड़कर इसे 10 लाख रुपये किया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के 3.09 लाख वरिष्ठ नागरिक आयुष्मान वय वंदना योजना से जुड़े हैं।
डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू
38 अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। नवजातों की 56 तरह की निश्शुल्क जांच, कैंसर की स्क्रीनिंग और नौ से 14 वर्ष की लड़कियों का निश्शुल्क एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के लिए पीपीपी माडल पर नए प्रोजेक्ट का प्रस्ताव देने का आग्रह किया। उन्होंने कोविड के दौरान संत परमानंद अस्पताल की सेवाओं की सराहना की। अस्पताल के अध्यक्ष बीजी बांगड़ ने बताया कि नए केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सक, भ्रूण विशेषज्ञ, आइवीएफ और आइसीएसआइ उपचार, जांच व परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
