दक्षिण दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान के साथ हादसे के कारण कई यात्री और केबिन क्रू के सदस्य घायल हो गए। विमान की लैंडिंग के बाद एम्बुलेंस की मदद से भी सात घायलों को वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इनके अलावा दो इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर और पांच को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया। फोर्टिस अस्पताल में घायलों के पहुंचने की सूचना पहले ही एयरपोर्ट एथारिटी की तरफ से दी जा चुकी थी। इस वजह से यहां आपातकालीन विभाग में उनके लिए तैयारी शुरू कर दी गई थी।
इसलिए जैसे ही घायल पहुंचे, सभी का उपचार शुरू कर दिया गया। आपातकालीन विभाग के बाहर अचानक बढ़ी हलचल ने सभी का ध्यान खींच लिया। अस्पताल पहुंचने वाले यात्री सहमे हुए थे। उनके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था तो कुछ एक-दूसरे का हाल जानने की कोशिश कर रहे थे।
केबिन क्रू सदस्य की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर
यहां पहुंचे घायलों में से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार का इलाज जारी है। हादसे में एक केबिन क्रू की महिला सदस्य की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। उधर, मेदांता अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
फोर्टिस अस्पताल के आपातकालीन विभाग के प्रमुख डा. उमंग ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े 12 बजे घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी टीम को अलर्ट कर दिया गया था। डाक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
करीब एक बजे तक सभी सात घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बिना देरी उपचार शुरू कर दिया गया। बाकी तीन केबिन क्रू सदस्यों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। अस्पताल के अनुसार भर्ती सभी केबिन क्रू की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।
अस्पताल में देर तक स्वजन और एयरलाइन अधिकारियों की आवाजाही भी बनी रही, जबकि मेडिकल टीम लगातार घायलों की निगरानी करती रही। डाक्टरों के मुताबिक सभी घायलों को वार्ड में भेज दिया गया है।
अस्पताल पहुंचे उड्डयन मंत्री
फोर्टिस अस्पताल में घायलों से मिलने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी पहुंचे। उन्होंने भर्ती सभी घायलों से उनका हालचाल पूछा। उन्हें हर जरूरी मदद का भरोसा दिलाया। नायडू ने कहा कि घायलों को जरूरी मेडिकल सहायता दी जा रही है।
उन्होंने अस्पताल के डाक्टरों के साथ एअर इंडिया और डीजीसीए के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की और निर्देश दिया कि हर दो घंटे में घायलों की स्थिति की जानकारी दी जाए।

