राजस्थान। चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा क्षेत्र के ढोवलिया गांव में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए युवक का शव गांव लाया गया। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए शव को आरोपी के घर के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
मृतक की पहचान दिलखुश मीणा पुत्र राधेश्याम मीणा के रूप में हुई है, जो टैंकर में खलासी का काम करता था। उसी गांव का रहने वाला रंजीत सिंह, जो टैंकर का चालक है, पर परिजनों ने युवक को भोपाल ले जाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि रंजीत ने न तो समय पर किसी को सूचना दी, न ही शव की सही स्थिति में जानकारी दी।
परिजनों के मुताबिक, शव पर जलने के कई निशान थे, जिससे उन्हें हादसे की नहीं, बल्कि हत्या की आशंका है। उन्होंने भोपाल पुलिस से हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दिलखुश की मौत की सूचना दो जुलाई को परिजनों को मिली, जबकि घटना 30 जून को हुई थी।
सोमवार को जब शव गांव पहुंचा, तो गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी रंजीत सिंह के घर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख निंबाहेड़ा कोतवाली पुलिस, डिप्टी बद्रीलाल राव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझाइश कर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए राजी किया।
कुछ सूत्रों के अनुसार, टैंकर पर काम करते वक्त दिलखुश हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसे करंट लग गया और उसकी मौत हो गई। लेकिन परिजन इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं हैं। वे इस पूरे मामले को साजिशन हत्या मानते हैं।
पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि यदि वे हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते हैं, तो लिखित में दें। इसके आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट को भोपाल पुलिस को स्थानांतरित किया जाएगा। फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और परिजन न्याय की मांग पर अडिग हैं।
