ग्रेटर नोएडा। शहर में यातायात को आसान बनाने और नए क्षेत्रों को जोड़ने के लिए बन रहे अहम पुल निर्माण पूरा होने के बावजूद उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं। बोडाकी-चमरावली आरओबी का सेतु निगम अपने हिस्से का निर्माण पूरा कर चुका है, लेकिन रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर रखने और एलीवेटेड सेक्शन का काम बाकी है।
बोडाकी-चमरावली आरओबी को करीब चार साल पहले पूरा होना था। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद 2022 में काम शुरू होना था, लेकिन जमीन मिलने में देरी के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका। 2023 में जमीन मिलने के बाद सेतु निगम ने 2024 के अंत तक रेलवे लाइन के दोनों तरफ एलीवेटेड हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया।
अब रेलवे की कंपनी डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) को रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर रखने और एलीवेटेड सेक्शन का काम करना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो साल से निर्माण की यही स्थिति बनी हुई है। आरओबी बनने से ग्रेटर नोएडा, अंसल मेगापोलिस टाउनशिप और आसपास के करीब एक दर्जन गांवों से गाजियाबाद की आवाजाही आसान होगी।
यह आरओबी ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी छह आरओबी परियोजनाओं में शामिल है। इसके बनने से बोडाकी के पास प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब को भी लाभ मिलेगा। भविष्य में हापुड़-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली 105 मीटर रोड को भी इससे जोड़ा जाना है।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने बताया कि आरओबी का सेतु निगम वाला काम पूरा है। डीएफसीसी के साथ बैठक हुई है और रेलवे से बातचीत जारी है। दिसंबर तक गर्डर रखने और एलीवेटेड सेक्शन का काम पूरा करने की योजना है।
