दिल्ली में अवैध जल दोहन पर लगाम, हजारों बोरवेल्स सील

Amit
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9020 अवैध बोरवेल्स सिर्फ एक जिले में, RO प्लांट्स पर भी की गई सख्त कार्रवाई

दिल्ली एनसीआर। दिल्ली में अवैध बोरवेल्स पर रोक लगाने की दिशा में अब ठोस कदम देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के बाद दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने शहर भर में चल रहे इन अवैध जल स्रोतों की रिपोर्ट तैयार कर न्यायाधिकरण को सौंपी है, जिससे पता चला है कि राजधानी में अवैध रूप से भूजल का दोहन बड़े पैमाने पर हो रहा है।

दिल्ली के 11 राजस्व जिलों पर आधारित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर भर में 20,297 अवैध बोरवेल्स संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अब तक 15,962 बोरवेल्स को जिलाधिकारियों द्वारा सील किया जा चुका है। यह कार्रवाई भूजल के अत्यधिक दोहन पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम है।

उत्तर-पश्चिम दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित इलाका पाया गया, जहां 9,020 अवैध बोरवेल्स की पहचान हुई। इनमें से 6,730 बोरवेल्स पर अब तक कार्रवाई हो चुकी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई अवैध आरओ प्लांट भी मिले, जिन्हें सील कर दिया गया। इन कार्रवाइयों के प्रमाण के रूप में फोटो भी रिपोर्ट में संलग्न किए गए हैं। इससे पहले अदालत ने डीजेबी के सीईओ, न्याय मित्र और सभी जिलाधिकारियों से इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

इससे पहले अदालत ने दिल्ली सरकार के डिविजनल कमिश्नर को निर्देश दिया था कि 19.62 करोड़ रुपये की राशि जल निकायों के पुनर्जीवन और भूजल पुनर्भरण के लिए खर्च की जाए। साथ ही, अदालत ने एक माह के भीतर डीजेबी, सीजीडब्ल्यूए, राज्य नमभूमि प्राधिकरण और डीपीसीसी के साथ मिलकर एक कार्य योजना तैयार करने को कहा था, जिसे तीन महीनों के भीतर अमल में लाया जाना है। इन प्रयासों का उद्देश्य दिल्ली में तेजी से घटते जल स्तर को संतुलित करना और अवैध जल उपयोग पर लगाम लगाना है।

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