दिल्ली में चार फ्लाईओवरों की मजबूती और पूर्वी दिल्ली में सड़क चौड़ीकरण की योजना तैयार

Amit
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नई दिल्ली- दिल्ली में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दक्षिणी दिल्ली के चार प्रमुख फ्लाईओवरों की जांच और मरम्मत का काम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पूर्वी दिल्ली में न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट रोड को चौड़ा करने की योजना भी तैयार की गई है।

दक्षिणी दिल्ली के चार फ्लाईओवर होंगे मजबूत

PWD के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली में जिन चार ढांचों की संरचनात्मक जांच और मजबूतीकरण किया जाएगा, उनमें शामिल हैं:

  • आईआईटी फ्लाईओवर (अफ्रीका एवेन्यू जंक्शन)

  • पुराना आरटीआर फ्लाईओवर

  • मोदी मिल फ्लाईओवर (आउटर रिंग रोड)

  • बारापुल्ला नाला कल्वर्ट (लाला लाजपत राय मार्ग)

इन सभी संरचनाओं के लिए विभाग द्वारा लोड टेस्टिंग, क्रैक एनालिसिस, और मरम्मत की तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मरम्मत पूरी होने के बाद ही इन्हें सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

हाल ही के ऑडिट में कई खामियां सामने आई हैं —

  • आरटीआर फ्लाईओवर पर सुरक्षा के लिए जरूरी क्रैश बैरियर नदारद हैं।

  • मोदी मिल फ्लाईओवर की सड़क पर कई जगह गड्ढे और टूट-फूट मिली है।

  • आईआईटी फ्लाईओवर में दरारें और एक्सपेंशन जॉइंट्स की खराबी पाई गई है।

  • बारापुल्ला कल्वर्ट में जलभराव और खराब रख-रखाव की स्थिति है।

पूर्वी दिल्ली में ईस्ट एंड रोड का विस्तार

पूर्वी दिल्ली में यातायात को सुगम बनाने के लिए न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के पास ईस्ट एंड अपार्टमेंट रोड को करीब 300 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना के तहत:

  • तीन नए कल्वर्ट बनाए जाएंगे

  • मौजूदा तीन कल्वर्टों की जांच और मजबूतीकरण किया जाएगा

  • सड़क के विस्तार से स्थानीय लोगों और मेट्रो स्टेशन आने-जाने वालों को राहत मिलेगी

इस कार्य के लिए विभाग द्वारा टोपोग्राफिकल सर्वे, हाइड्रोलॉजिकल डेटा संग्रह, जियोटेक्निकल जांच, और विस्तृत डिजाइन योजना तैयार की जा रही है।

यात्रियों की सुरक्षा और यातायात में सुधार पर फोकस

PWD अधिकारियों का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य राजधानी में सड़क ढांचों को सुरक्षित बनाना और लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना है। फ्लाईओवरों और सड़कों की समय-समय पर जांच और सुदृढ़ीकरण से भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकेगी।

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