जलने की बदबू आने पर यात्रियों ने टोका फिर भी नहीं रोकी बस, ड्राइवर बोला- मरना है तो मरो, नहीं रोकेंगे

News Desk
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ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस आग हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई। कई घायल अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में चालक-परिचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बस में जलने की बदबू आ रही थी। शिकायत करने पर यात्रियों को धमकाया गया। उसके कुछ देर बाद हादसा हो गया।

यात्री की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, मैं सुनील कुमार पुत्र बदीप्रसाद निवासी मोहाल खुशीपुरा थाना राठ जिला हमीरपुर दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस से राठ जाने के लिए सवार हुआ था। बस में करीब 30-35 सवारियां सवार थीं। रात करीब 23:30 बजे जब बस नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे किलोमीटर 33 के पास पहुंची, तभी बस के चालक और परिचालक के द्वारा जानबुझकर घोर लापरवाही व तेजी से चलाने के कारण ड्राइवर केबिन से जलने की बदबू आने लगी। बस में सवार कुछ यात्रियों द्वारा चालक और परिचालक को बस में जलने जैसी बदबू आने के संबंध में बताया गया, लेकिन चालक ने गंभीर स्थिति को नजरअंदाज करते हुए कहा कि बस में इस प्रकार जलने की बदबू आती रहती है।

शिकायत के बाद भी बस नहीं रोकी गई

इसके बावजूद चालक द्वारा बस को तत्काल रोककर उसकी जांच नहीं की गई और चालक एवं परिचालक अपने केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीते रहे। कुछ ही समय बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों द्वारा शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा गया, लेकिन चालक और परिचालक आपस में हंस रहे थे और सवारियों से को धमका रहे थे कि मरना है तो मरो बस नहीं रोकेंगे। तब तक आग तेजी से बस के चारों ओर फैल गई। बस के अंदर धुआं भर गया।

लापरवाही से हुईं मौतें

सुनील कुमार ने बताया कि बस रुकने के बाद मैंने और अन्य यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। मैं और कई अन्य यात्री किसी प्रकार बस से कूदकर बाहर निकल आए, लेकिन कुछ यात्री आग एवं धुएं के कारण बस के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। आग से कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने 9 व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। चालक और परिचालक को बस में जलने की बदबू की जानकारी यात्रियों द्वारा पहले ही दिये जाने के बावजूद उनके द्वारा आवश्यक सावधानी न बरतना, बस को समय रहते न रोकना और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जान बुझकर घोर लापरवाही के चलते 9 लोगों की मौत हुई है।

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