पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में अप्रैल में चुनाव कराने का प्रस्ताव, निर्वाचन आयोग ने दिया सुझाव

Rohit Kumar
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में अप्रैल में चुनाव कराने का बुधवार को प्रस्ताव पेश किया।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा देश में तत्काल आम चुनाव कराने के लिए दबाव बनाने को लेकर प्रांतीय विधानसभाओं को भंग करने के कुछ दिनों बाद यह प्रस्ताव आया है। दोनों प्रांतों में खान की पार्टी सत्ता में थी।

आयोग ने सुझाव दिया कि पंजाब में 9 से 13 अप्रैल के बीच और खैबर पख्तूनख्वा में 15 से 17 अप्रैल के बीच चुनाव कराए जाने चाहिए। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी द्वारा दोनों प्रांतों में प्रांतीय विधानसभाओं को इस महीने समय से पहले भंग कर दिया गया ताकि सरकार को जल्द आम चुनाव कराने के लिए मजबूर किया जा सके।

हालांकि, संघीय सरकार ने दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया और इस साल अगस्त के बाद यानि समय पर चुनाव कराने पर अड़ी है। चूंकि दोनों प्रांतों में कार्यवाहक सरकारें गठित की गई और विधानसभाओं के भंग होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव होने चाहिए, इसलिए निर्वाचन आयोग ने प्रांतीय चुनावों की तारीखों की घोषणा की।

सैयद मोहसिन रजा नकवी ने 22 जनवरी को पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि मोहम्मद आजम खान ने 21 जनवरी को खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा को 14 जनवरी को भंग कर दिया गया वहीं पंजाब विधानसभा को 18 जनवरी को भंग कर दिया गया। दोनों प्रांतों के गवर्नर के प्रमुख सचिवों को अलग-अलग पत्र में, आयोग ने पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 224 का हवाला दिया, जिसमें विधायिका के भंग होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव कराने और संभावित तिथियों को लेकर सुझाव देने का प्रावधान है।

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