साहिबाबाद। पीने को साफ पानी तक नहीं मिल रहा है। शिकायत करो तो कर्मचारियों की मनमानी सामने आती है। कभी मौके पर आते ही नहीं तो कभी निस्तारण के नाम पर चलताऊ काम कर जाते हैं।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति की समस्या झेल रहे लोगों की कुछ इस तरह की शिकायत है। वैशाली, इंदिरापुरम और अर्थला में लगातार यह परेशानी सामने आ रही है।
वैशाली के सेक्टर-2, 3 और 4 में कई महीनों से दूषित पानी की आपूर्ति घरों में होने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीच-बीच में स्थिति सुधर जाती है लेकिन फिर से दूषित पानी आने लगता है।
समस्या जस की तस बनी हुई है
इसको लेकर तीन दिन पहले सेक्टर-3 के निवासियों ने लिखित में शिकायत भी दी थी लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि लगातार साफ पानी देने की मांग क्षेत्र के लोग कर रहे हैं।
इसका स्थायी हल निकालने के लिए नगर निगम में कहा गया है लेकिन अभी तक टीम ने सेक्टर में आकर समस्या तक नहीं जानी।
इसके अलावा अर्थला में 10 दिनों से दूषित पेयजल आपूर्ति का समाधान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को पेजयल संकट झेलना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी वीरपाल ने बताया कि दूषित पेयजल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को पत्र दिए गए हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर बोतलबंद पानी खरीदने से बोझ बढ़ता है। ट्रांस हिंडन के वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी और डेल्टा कालोनियों में गंगाजल की आपूर्ति होती है।
इंदिरापुरम में गंगाजल की आपूर्ति काफी कम है जबकि यहां भूजल का टीडीए 700 से 800 के बीच रहता है। ऐसे में लोगों को पीने के लिए बोतलबंद पानी का प्रयोग करना पड़ता है जबकि कुछ सोसायटी में खुद के संसाधन का प्रयोग कर जलापूर्ति की जाती है। साफ पानी के लिए सोसायटियों में आरओ प्लांट लगे हैं।
जिन-जिन भी इलाकों में समस्या है, वहां टीमों को भेजा जाता है और पाइपलाइन की जांच कराई जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में पाइपलाइन के सर्वे की योजना पर भी काम किया जा रहा है। कुछ जगह नई पाइपलाइन डाली जा रही है, जिससे समस्या दूर होगी।
– केपी आनंद, महाप्रबंधक, जलकल नगर निगम
