नोएडा: घर में नया कमरा बनवाना हो, दुकान की पुताई करानी हो, या फिर टाइल्स लगवानी हो… अब तक इसके लिए सबसे बड़ा सिरदर्द होता था सुबह-सुबह लेबर चौक के चक्कर काटना। कड़ी धूप, कड़कड़ाती ठंड या फिर झमाझम बारिश में घंटों खड़े रहकर मोल-तोल करना और फिर मजदूरों को घर तक लाना किसी टास्क से कम नहीं था। लेकिन अब यह सब बीते दिनों की बात होने जा रही है।
उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग ने आम जनता और कामगारों, दोनों की इस बड़ी टेंशन को खत्म करते हुए एक कमाल का ऐप लॉन्च किया है ‘यूपी डिजिटल लेबर चौक’ अब न तो मकान मालिकों को मजदूरों को ढूंढने भटकना पड़ेगा और न ही मजदूरों को काम की तलाश में चौराहों पर धक्के खाने होंगे। सब कुछ होगा सीधे आपके मोबाइल स्क्रीन पर।
श्रमिकों व काम कराने वालों के बीच डिजिटल पुल
नोएडा के अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि यह ऐप निर्माण श्रमिकों और काम कराने वालों के बीच एक डिजिटल पुल का काम करेगा। यह ऐप बिल्कुल वैसे ही काम करेगा जैसे आप घर बैठे कैब या खाना ऑर्डर करते है। मजदूरों को अब मौसम की मार 2 झेलते हुए लेबर चौको पर काम के इंतजार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। उन्हें घर बैठे सम्मानजनक तरीके से काम मिलेगा।
वहीं, काम कराने वालो को घर बैठे ही स्किल्ड मिस्त्री और मजदूर मिल जाएंगे। इसके लिए उन्हें ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े बिल्डर्स, ठेकेदार, निर्माण एजेंसिया और सरकारी प्रतिष्ठान भी इस ऐप पर खुद को रजिस्टर कर अपनी जरूरत के हिसाब से सीधे मजदूरों से संपर्क कर सकेंगे, जिससे उन्हें काम मिल सकेगा।
- श्रमिक, मिस्त्री और ठेकेदार इस ऐप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे।
- काम कराने वाले लोग ऐप पर जाकर अपनी जरूरत बताएंगे।
- ऐप दोनों को सीधे आपस में जोड़ देगा, जिससे बिना किसी बिचौलिए के सही दाम पर सही काम मिल सके।
