
गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जिंदगी को बचाने और उन्हें ट्रैफिक की वजह से होने वाली किसी भी तरह की दिक्कत से दूर रखते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) पुलिस ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन FAST’ (फास्ट एम्बुलेंस सीमलेस ट्रांजिशन) नाम की एक सेवार को शुरू किया है। जो कि 24 घंटे काम करने वाला एक ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन सिस्टम है, जिसका मकसद गंभीर रूप से बीमार मरीजों और सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को ले जा रही एम्बुलेंस को रास्ता देते हुए जल्द से जल्द अस्पतालों तक पहुंचाना है।
इस पहल की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को इसका एक ट्रायल भी किया गया, जिसमें भारी ट्रैफिक के समय एक खाली एम्बुलेंस को चिल्ला बॉर्डर से मैक्स अस्पताल और फोर्टिस अस्पताल भेजा गया। इस दौरान इस एंबुलेंस ने लगभग 12 km का यह रास्ता सफलतापूर्वक करीब 10 मिनट में तय कर लिया।
RTCM पर काम करेगा यह पूरा सिस्टम
पुलिस के अनुसार यह सिस्टम ‘रोलिंग ट्रैफिक क्लीयरेंस मैकेनिज्म’ पर काम करेगा, जिसमें एम्बुलेंस के आगे बढ़ने के साथ-साथ अगले चौराहों पर ट्रैफिक को मैनेज किया जाएगा। एम्बुलेंस के आने की जानकारी देने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गंभीर मरीजों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाना लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार इस पहल का मकसद गंभीर चोट, सिर की गंभीर चोट, अत्यधिक खून बहने या जानलेवा स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने में होने वाली देरी को कम करना है। पुलिस ने बताया कि यह ‘जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ (शून्य मृत्यु दर वाला जिला) पहल का ही एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य ऐसी मौतों को रोकना है, जिन्हें टाला जा सकता है।
एंबुलेंस की सूचना देने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि ‘ऑपरेशन FAST’ को सुगम तरीके से क्रियान्वित करने के लिए एम्बुलेंस ऑपरेटरों, अस्पताल के कंट्रोल रूम और एम्बुलेंस स्टाफ की मदद के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर- 9218981716 भी जारी किया गया है। साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में एक ‘एम्बुलेंस ट्रैफिक फैसिलिटेशन सेल’ भी बनाई जा रही है, जो इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही में तालमेल बिठाएगी।
पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में शुरू हुई पहल
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पहल गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। इसके लिए DCP (मुख्यालय) शव्य गोयल ने रिसर्च की थी। उधर पहले दिन हुए सफल ट्रायल के बाद उत्साहित पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘इस ट्रायल से पता चला है कि बेहतर और सक्रिय ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन से एम्बुलेंस के सफर का समय काफी कम किया जा सकता है, यहां तक कि भारी ट्रैफिक के दौरान भी।’
कैसे काम करेगा यह पूरा सिस्टम, पुलिस ने बताया
यह सिस्टम काम कैसे करेगा, इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम के अंतर्गत एम्बुलेंस डिस्पैचर, अस्पताल के कंट्रोल रूम या एम्बुलेंस स्टाफ को मरीज को लेने के लिए या मरीज को लेकर निकल रहे वाहन की लोकेशन, मंजिल और रास्ते की जानकारी एक समर्पित कंट्रोल रूम के साथ साझा करनी होगी। इसके बाद, उस रूट पर रास्ते में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी आपस में तालमेल बैठाकर चौराहों को पहले से खाली करवाएंगे, और विपरीत दिशा से आ रहे ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगे और जरूरत पड़ने पर सिग्नल को भी मैनेज करेंगे।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में जिले के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं और इमरजेंसी डिस्पैच सेंटरों को शामिल किया गया है। साथ ही जिले के मुख्य अस्पतालों को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों की भी पहचान कर ली गई है।
लोगों से की एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील
इस दौरान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे एम्बुलेंस को रास्ता दें, चौराहों पर जाम न लगने दें और आपातकालीन स्थितियों में ट्रैफिक कर्मियों का सहयोग करें। इस बारे में जारी एक बयान में योजना के मुख्य उद्देश्य को लेकर कहा गया है, ‘इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रैफिक जाम की वजह से कोई गंभीर रूप से बीमार मरीज या सड़क दुर्घटना का शिकार व्यक्ति जीवन रक्षक इलाज से वंचित न रह जाए।’
