ग्रेटर नोएडा PNB बैंक फ्रॉड केस में CBI की एंट्री, 10.24 करोड़ के हेराफेरी मामले में FIR दर्ज

News Desk
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर पाई शाखा में ग्राहकों के खातों में हुए करोड़ो की कथित हेराफेरी मामले की जांच में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री हो गई है. CBI ने अब इस शाखा के विभिन्न बचत और सावधि जमा खाताधारकों के करोड़ों रुपये के कथित हेरफेर के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (गाजियाबाद) ने PNB के नोएडा मंडल के मुख्य प्रबंधक की ओर से 23 अक्टूबर को भेजी गई लिखित शिकायत के आधार पर बृहस्पतिवार को मामला दर्ज किया है. यह शिकायत ‘सेक्टर पाई’ शाखा की एक कर्मचारी और कुछ अन्य खाताधारकों के खिलाफ की गई थी.

बैंक की आंतरिक जांच में सामने आया है कि संबंधित शाखा की ही एक महिला कर्मचारी ने अन्य बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग किया था. ID के जरिए आरोपी ने ग्राहकों के बचत और सावधि जमा खातों से रकम निकाली थी.

BNS के तहत मामला दर्ज

सीबीआई ने प्राथमिकी में शाखा की कार्यालय सहायक दीपांशी, खाताधारक आशुतोष पाठक और कुछ अज्ञात लोक सेवकों तथा निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है. इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और लोक सेवकों द्वारा आपराधिक कदाचार से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा, प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं.

कैसे हुआ था धोखाधड़ी का खुलासा?

PNB ने अपनी शिकायत में कहा है कि कथित धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब 16 सितंबर को एक खाताधारक अपने खाते से हुए 3 संदिग्ध निकासी लेनदेन की शिकायत लेकर शाखा प्रबंधक के पास पहुंची. बैंक के अनुसार, अब तक विभिन्न ग्राहक खातों से 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी का पता चला है. आरोप है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान इस धनराशि का गबन किया गया. शिकायत के मुताबिक, धोखाधड़ी की वास्तविक राशि का पता लगाने के लिए शाखा में खातों और लेनदेन का मिलान किया जा रहा है.

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