
नोएडा: पूर्व राज्यसभा सांसद एवं SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (RK Sinha) का शुक्रवार को नोएडा स्थित आवास पर निधन हो गया। आरके सिन्हा शुरुआत दौर में भाजपा से जुड़े रहे थे। साथी ही वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे। उनका बिहार की भाजपा की राजनीति में विशिष्ट स्थान था। आरके सिन्हा का शव अंतिम दर्शन के लिए पटना स्थित अन्नपूर्णा भवन, पाटलिपुत्र लाया जाएगा।
नोएडा स्थित आवास पर शुक्रवार को 75 वर्षीय पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। साल ब्रेन स्ट्रोक के बाद वह लंबे समय तक कोमा भी रहे थे। आरके सिन्हा जनसंघ से लेकर बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे थे। उनको अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का बेहद करीबी माना जाता था।
JDU ने जताया दुख
जेडीयू ने आरके सिन्हा के निधन पर दुख जताया। अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। जेडीयू ने लिखा, ‘आरके सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है।’ उनके निधन से राजनीतिक जगत में बड़ी हानि हुई है।
1974 में शुरू की SIS कंपनी
1974 में आरके सिन्हा ने पटना में सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की स्थापना की थी। आरके सिन्हा ने 250 रुपये की मासिक वेतन पर अपने कैरियर की शुरुआत की थी। आज एसआईएस कंपनी की नेटवर्थ करीब 16000 करोड़ रुपये है। उन्होंने जय प्रकाश नारायण के एक सुझाव से एसआईएस कंपनी शुरू की थी, जिसमें सेना से रिटायर लोगों को सिक्योरिटी गार्ड रूप में रोजगार दिया जाता है।
- आरके सिन्हा का जन्म बिहार के बक्सर में 22 सितंबर 1951 में हुआ था।
- पिता पटना में नौकरी करते थे, इसलिए उनकी शिक्षा पटना में हुई।
- पढ़ाई के बाद आरके सिन्हा ने अपनी पहचान पत्रकारिता में बनाई।
- आरके सिन्हा 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध को कवर किया था।
