ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट व टप्पल के बीच नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए यीडा मास्टर प्लान तैयार कराने जा रहा है। इसके लिए कंपनी चयन को रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया गया है। चयनित कंपनी को औद्योगिक क्षेत्र की तकनीकी व्यावहारिक रिपोर्ट व मास्टर प्लान तैयार करना होगा। इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से यीडा का फेज एक व फेज दो आपस में जुड़ जाएंगे।
फेज एक व दो के बीच करीब 8000 हेक्टेयर जमीन
यमुना प्राधिकरण फेज एक मास्टर प्लान 2041 के तहत काम कर रहा है। वहीं अलीगढ़, हाथरस, मथुरा व आगरा को मिलाकर फेज दो तैयार किया गया है। इसमें दो शहरी केंद्र टप्पल बाजना (अलीगढ़) व राया (मथुरा) का मास्टर प्लान प्रदेश सरकार से स्वीकृत हो चुका है। आगरा और हाथरस का मास्टर प्लान अभी प्रक्रिया में है। फेज एक व दो के बीच करीब आठ हजार हेक्टेयर जमीन है।
कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए
अधिसूचित क्षेत्र होने के बावजूद अभी यह फेज एक या दो में किसी का हिस्सा नहीं है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और टप्पल बाजना शहरी केंद्र के बीच होने के कारण विकास संभावनाओं में काफी महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण को सबसे अधिक चिंता इस क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर है। इसलिए प्राधिकरण ने इसे एक नया शहरी केंद्र के तौर पर विकसित करने का फैसला है। इसका मास्टर प्लान तैयार कराने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
आवासीय से लेकर व्यावसायिक काम होंगे
नया शहरी केंद्र एयरपोर्ट व टप्पल में प्रस्तावित मल्टी माडल लाजिस्टिक पार्क के बीच होने के कारण इसमें औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भरपूर संभावनाएं हैं।
यीडा की योजना इस क्षेत्र में लाजिस्टिक, वेयरहाउसिंग, विनिर्माण, एमएसएमई, व्यावसायिक, श्रमिकों के लिए आवास, सामाजिक व नागरिक सुविधाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की है।
इसे औद्योगिक व वाणिज्यिक विकसित जोन के तौर पर विकसित किया जाएगा। कंपनी को इस क्षेत्र में भू उपयोग, कनेक्टिविटी, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरणीय प्रभाव, आर्थिक उपयोगिता, मार्केट डिमांड, निवेश के लिए संभावनाओं पर अपनी रिपोर्ट यीडा को सौंपनी होगी।
“नोएडा एयरपोर्ट व टप्पल बाजना के बीच अधिसूचित क्षेत्र में नया औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए तकनीकी आर्थिक रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसके लिए कंपनियोंं से प्रस्ताव मांगे गए हैं। चयनित कंपनी को विभिन्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर यीडा को सौंपनी होगी। कंपनी को मास्टर प्लान भी तैयार करना होगा।”
-शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यीडा।
