गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाक्षेत्र के भीम नगर में सोमवार रात संपत्ति विवाद ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। दो बेटों ने संपति के लिए दीवार में सिर मारकर अपने ही माता-पिता की हत्या कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों को लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपित बेटों दीपक और ललित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना पूछताछ में दोनों आरोपितों द्वारा गला दबाकर हत्या किया जाना भी लग रहा है हालांकि इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि होगी।
क्या है पूरा मामला?
भीम नगर गली नंबर 10 से सोमवार रात करीब 10 बजे मकान में रहने वाले किराएदार जगबीर ने डायल-112 पर सूचना दी कि मकान मालिक कर्मयोगी गंगाशरण और उनके बेटों के बीच विवाद हुआ था। काफी देर से कोई आवाज नहीं आ रही थी, जिससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
करीब 10.20 बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान का मुख्य गेट अंदर से बंद था। पुलिस के शोर मचाने पर दोनों बेटे आंगन में आए। चाबी नहीं मिलने की बात कहकर उन्होंने हथौड़े से ताला तोड़कर दरवाजा खोला। पुलिस अंदर पहुंची तो कमरे में 55 वर्षीय गंगाशरण और उनकी 52 वर्षीय पत्नी विमलेश खून से लथपथ पड़े थे।
दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे में कई स्थानों पर खून बिखरा था और संघर्ष के निशान भी मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बेटे 35 वर्षीय दीपक उर्फ विक्की और 32 वर्षीय ललित संपत्ति बेचकर रुपये चाहते थे, जबकि गंगाशरण इसके लिए तैयार नहीं थे।
इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। मृतक की बेटी ने आरोप लगाया कि दोनों भाई शराब पीने के आदी थे और आए दिन माता-पिता से मारपीट करते थे। उसने कहा कि वह दोनों आरोपितों को कठोर सजा दिलाने के लिए हर संभव कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
मेहनत कर बनाया आशियाना, उसी की खातिर चली गई जान
गंगाशरण के दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनका बड़ा बेटा 35 वर्षीय दीपक है, जबकि छोटा बेटा 32 वर्षीय ललित है। ललित अपने बच्चों को लेकर प्रताप विहार में किराए पर रहता है। दोनों बेटे गाड़ी चलाते हैं। कर्मयोगी गंगाशरण समाचार पत्र वितरण के साथ दूध बेचने का भी काम करते थे।
उन्होंने मकान के एक कमरे में दो भैंस पाली हुई हैं। सोमवार शाम तक वह सामान्य रूप से लोगों से मिले थे। शाम को छोटे बेटे ललित के जन्मदिन पर घर में कीर्तन भी हुआ था। इसके बाद घर में केवल परिवार के सदस्य रह गए। बड़े बेटे की पत्नी करीब डेढ़ महीने से अपने मायके गई हुई है। कल छोटे बेटे ललित का जन्मदिन था। इसलिए घर में कीर्तन रखा गया था।
पड़ोसी भी नहीं भांप पाए, उन्हें लगा सिर्फ झगड़ा हुआ है
पुलिस जांच में सामने आया कि मकान का मुख्य गेट और भैंस वाले कमरे का गेट अंदर से बंद था। इतना ही नहीं, जीने के दरवाजे पर भी ताला लगाया गया था, जिससे ऊपर रहने वाले किराएदार और पड़ोसी नीचे नहीं आ सके। उन्हें जब चीख सुनाई दी तो किराएदार जगबीर ने आवाज लगाकर पूछा भी लेकिन ललित ने उन्हें बताया कि कुछ नहीं हुआ है पापा अब सो गए हैं।
हत्या की वजह संपत्ति विवाद सामने आया है। दोनों आरोपित पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सुरेंद्र नाथ तिवारी, पुलिस उपायुक्त

