गंगोत्री धाम विवाद पर मौलाना साजिद रशीदी का बयान, बोले—धर्म किसी को धार्मिक स्थल से नहीं रोकता

Amit
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Maulana Sajid On Gangotri Dham Controversy: गंगोत्री धाम से जुड़े विवाद पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने संतुलित और सौहार्दपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक धार्मिक स्थल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर धर्म और वर्ग के लोगों के लिए खुले हैं। मस्जिद, मदरसा और दरगाह जैसे स्थानों पर कोई भी व्यक्ति आकर वहां की परंपराओं, शिक्षा और सोच को समझ सकता है।

मौलाना रशीदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म में दूसरों को धार्मिक स्थलों पर जाने से रोकने की भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद और एक-दूसरे की मान्यताओं को जानना समाज में विश्वास और भाईचारे को मजबूत करता है। इसी सोच के तहत उन्होंने सभी समुदायों के लोगों को खुले मन से एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों को देखने और समझने का आग्रह किया।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने विभिन्न धर्मों के प्रमुख ग्रंथों का अध्ययन किया है। उनके अनुसार, अलग-अलग धार्मिक पुस्तकों का मूल संदेश मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की मूल शिक्षा टकराव नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व सिखाती है।

मौलाना रशीदी ने मौजूदा विवाद को लेकर यह भी कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर ऐसे मुद्दों को उछाल रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम और तनाव पैदा हो। उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि ऐसे लोगों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाए, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने अंत में कहा कि धार्मिक स्थलों को विवाद का केंद्र बनाने के बजाय उन्हें आपसी समझ और सद्भाव का माध्यम बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब लोग एक-दूसरे की आस्थाओं को करीब से समझते हैं, तभी समाज में सौहार्द और विश्वास की भावना मजबूत होती है।

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