गाजियाबाद। कनावनी गांव के किसानों का अपनी मांगों को लेकर धरना आज लगातार 26 वें दिन भी जारी रहा किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब वे अपनी जमीन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को किसी भी हाल में देने के लिए तैयार नहीं हैं। किसानों की मांग है कि उनकी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में किसानों के नाम तत्काल बहाल किए जाएं।
किसानों का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को किसानों की जमीन के संबंध में छह माह के भीतर वैध अवॉर्ड घोषित करने का समय दिया गया था। किसानों के अनुसार यह निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए लगभग 17 दिन हो चुके हैं, लेकिन प्राधिकरण निर्धारित अवधि में अवॉर्ड घोषित नहीं कर सका
कनावनी किसानों के अनुसार, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा इस भूमि पर गाजियाबाद-इंदिरापुरम विस्तार योजना लाए जाने की प्रक्रिया की जा रही थी, जिसके तहत किसानों को मुआवजा दिया जाना था हालांकि निर्धारित समय-सीमा में अवॉर्ड घोषित नहीं होने के बाद किसान अब अपनी जमीन देने के पक्ष में नहीं हैं
किसान परवीन नागर ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में अवॉर्ड घोषित नहीं होने के बाद अब किसानों की मांग है कि उनकी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम तत्काल बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो रविवार को किसान रविवार को जलसमाधि लेंगे
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि स्थिति गंभीर होने से पहले उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
किसान लिखीराम शर्मा ने कहा कि कनावनी के किसान अब किसी भी कीमत पर अपनी जमीन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को देने के लिए तैयार नहीं हैं
किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि रविवार को प्रस्तावित जलसमाधि के ऐलान को गंभीरता से लेते हुए तत्काल किसानों से वार्ता कर समाधान निकाला जाए।
आज धरना स्थल पर चतर सिंह नागर, प्रकाश नागर, श्रीचंद नागर, मथन सिंह नागर, कैलाश नागर, धनेश्वर शर्मा, सुखबीर सिंह नागर, विनोद नागर, बाबू नागर, कवर सिंह अधाना, सतीश नागर ,अशोक कसाना,रोहित नागर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कनावनी किसानों का धरना 26 वें दिन भी जारी, मांगें नहीं मानीं तो रविवार को जलसमाधि लेने का ऐलान
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