JNU छात्रसंघ ने किया प्रदर्शन, कैंपस से उठी बाबरी मस्जिद दोबारा बनाओ की मांग

Rohit Kumar
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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) एक बार फिर चर्चा में है. यहां 6 दिसंबर की रात जेएनयूएसयू (JNUSU) द्वारा बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया गया. इतना ही नहीं आरोप है कि यहां बाबरी मस्जिद के समर्थन में नारे लगे और इसे दोबारा बनाने की मांग भी उठाई गई.

जेएनयूएसयू की ओर से 6 दिसंबर की रात एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया. 6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ी गई थी, जिसके खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया. इस दौरान JNU छात्रसंघ के उपाध्यक्ष साकेत मून और यहां मौजूद लेफ्ट संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने की मांग.

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया था. अब इस घटना के विरोध में जेएनयू कैंपस में छात्रसंघ ने एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला. इसमें कहा गया कि मस्जिद को दोबारा बनाना चाहिए. इस प्रदर्शन के दौरान ”नहीं सहेंगे हाशिमपुरा,, नहीं करेंगे दादरी, फिर बनाओ, फिर बनाओ बाबरी” जैसे नारे भी लगाए गए.

JNUSU के वाइस प्रेसीडेंट साकेत मून ने कहा, प्रदर्शन के दौरान एक स्लोगन दिया गया नहीं सहेंगे हाशिमपुरा, नहीं करेंगे दादरी, फिर बनाओ, फिर बनाओ बाबरी. इसमें हाशिमपुरा और दादरी का जिक्र किया गया. ये वही जगह हैं, जहां हिंदू-मस्जिद दंगे हुए. इसी तरह बाबरी में भी हुआ था. वहां अन्याय हुआ. ऐसे में इसे फिर से बनाकर ठीक किया जाए. तभी इस अन्याय को खत्म किया जा सकता है.

जेएनयूएसयू द्वारा बुलाए गए इस प्रदर्शन के लिए रात 8:30 बजे गंगा ढाबा पर बड़ी संख्या में लेफ्ट विंग के छात्र जमा हो गए. यहां से छात्र मार्च निकालते हुए चंद्रभागा हॉस्टल तक पहुंचा. आरोप है कि इस दौरान छात्रों ने विवादित नारे भी लगाए. चंद्रभागा हॉस्टल पर कुछ छात्रों ने प्रदर्शन को संबोधित किया. इसी दौरान जेएनयू छात्र संघ के वाइस प्रेसिडेंट साकेत मून ने अपनी स्पीच के दौरान कहा, बाबरी मस्जिद दोबारा बनाकर इंसाफ लिया जाएगा.

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