इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान व अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने वाली याचिका की खारिज

Rohit Kumar
3 Min Read

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और विभिन्न मंत्रियों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकार करने योग्य नहीं है. ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार के मुताबिक, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अतहर मिनल्लाह ने याचिकाकर्ता मौलवी इकबाल हैदर पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य पूर्व मंत्रियों के नामों को ‘नो फ्लाई लिस्ट (विमान यात्रा करने पर प्रतिबंध वाली सूची)’ में रखने का अनुरोध भी अदालत ने खारिज कर दिया. राजनयिक पत्र की जांच के लिए याचिका भी खारिज कर दी गयी, जिसमें ‘इमरान खान की सरकार को हटाने के लिए विदेशी साजिश’ का आरोप लगाया गया था.

अदालत ने सोमवार को उस याचिका को स्वीकार करने योग्य नहीं बताते हुए खारिज कर दिया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और विभिन्न मंत्रियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया. इससे पहले, यह बताया गया था कि कानूनी विभाग से गंभीर चिंता के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री खान ने पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल को विदेश कार्यालय का राजनयिक पत्र भेजा, जिसमें दावा किया गया था कि एक देश ने पाकिस्तान के दूत के माध्यम से एक धमकी भरा संदेश भेजा है.

सदन का विश्वास खोने वाले पहले पीएम बने इमरान खान

शनिवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में त्वरित सुनवाई का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की गयी थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री खान को सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल कमर जावेद बाजवा को गैर अधिसूचित करने से रोकने की मांग की गयी थी. शनिवार को इमरान खान देश के इतिहास में सदन का विश्वास खोने के बाद सत्ता गंवाने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गये.

अमेरिका ने खान के आरोपों को खारिज कर दिया

पिछले हफ्ते राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान खान ने ‘धमकी वाले पत्र’ के बारे में बताया था और इसे उन्हें हटाने के लिए एक विदेशी साजिश का हिस्सा करार दिया था. उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ धमकी भरे पत्र के पीछे अमेरिका का नाम लिया था. अमेरिका ने खान के आरोपों को खारिज कर दिया था.

Share This Article
Leave a Comment