नोएडा। इंजीनियर युवराज, आर्यन और एक बुजुर्ग की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत के बाद एक बार फिर प्राधिकरण की लापरवाही उजागर हुई है। सेक्टर 122 के ग्रीन बेल्ट में लगे ट्यूबवेल की चार फीट गहरी हौदी में डूबकर शुक्रवार को चार साल का मासूम की मौत हो गई।
ट्यूबवेल के परिसर के गेट पर गार्ड आदि जैसे सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से एक और घर का चिराग बुझ गया। बच्चे के पिता ने सेक्टर 113 थाने में प्राधिकरण अधिकारी व अन्य स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में शनिवार काे मामला दर्ज कराया। उधर, नोएडा प्राधिकरण अधिकारी लेबर द्वारा साइट पर बच्चे को लाने और उसका ध्यान नहीं रखने को हादसे का कारण बता रहे हैं।
असंतुलित होकर हौदी में गिर गया
सीतापुर के खर्ताैना गांव के शिराजुद्दीन आलम नोएडा सेक्टर 122 के झुग्गियों में पत्नी व दो बच्चों संग रहते हैं। वह प्राधिकरण के हार्टीकल्चर विभाग में दैनिक मजदूरी पर लेबर का काम करते हैं। उनका चार वर्षीय छोटा बच्चा फिरोज आलम उर्फ गोलू शुक्रवार सुबह करीब साढे आठ बजे अकेला खेलते-खेलते झुग्गी के पास ग्रीन बेल्ट में बने नोएडा प्राधिकरण के ट्यूबवेल परिसर में पहुुंच गया।
बताया जा रहा है कि बच्चा खेल-खेल में ही ट्यूबवेल की हौदी के पास पहुंच गया। वहां पर ट्यूबवेल के पाइप से हाथ धोने का प्रयास करने लगा। इसी बीच बच्चे का संतुलन बिगड़ गया। वह असंतुलित होकर हौदी में गिर गया।
पिता ने बच्चे को बाहर निकाला
मां ने खाना-खाने के लिए गोलू को आवाज दी, लेकिन वह नजर नहीं आया। आसपास नजर नहीं आने पर माता-पिता ने गोलू को ढूंढना शुरू किया। वह करीब दस बजे ट़्यूबवेल परिसर में गए। हौदी के तल पर गोलू का सिर दिखा। यह देखकर माता-पिता के पैरो तले जमीन खिसक गई। दोनों दहाड़े मारकर रोने लगे। राेते-बिलखते पिता ने गोलू को बाहर निकाला और उसका पेट दबाकर पानी निकालने का प्रयास किया।
मुंह से सांस भी दी, लेकिन गोलू होश में नहीं आया। उसकी मौत हो चुकी थी। उसके डूबने की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और डायल 112 पर सूचना दी। जानकारी मिलने पर करीब 50 मीटर दूर पार्थला चौकी से पुलिस भी पहुंच गई। एंबुलेंस बुलाकर बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजन को सौंप दिया गया। स्वजन ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। बच्चे के पिता की शिकायत पर प्राधिकरण के संबंधित विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कराई जा रही। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कामगार ने मानी गलती
नोएडा प्राधिकरण उद्यान निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि उद्यान का काम कर रहे कामगार ने स्वतं माना है कि उसकी लापरवाही की वजह बच्चे की जान गई है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
- 18 जून 2026: सेक्टर 150 के पास बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत।
- 22 अगस्त 2025: सेक्टर 74 में सोसाइटी के स्वीमिंग पूल में डूबने से पांच वर्षीय मासूम की जान गई।
- 12 जुलाई 2025: सेक्टर 137 के निर्माणाधीन परिसर में पानी भरे गड्ढे में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत।
- 5 सितंबर 2024: फेस दो क्षेत्र में पानी से भरे टैंक में गिरने से चार वर्षीय बच्चे की डूबकर मौत हो गई।

