Ghaziabad: 50 हजार का इनामी बदमाश विशाल चौधरी का एनकाउंटर में हुआ ढेर, 15 दिन से पुलिस कर रही थी तलाश

Rohit Kumar
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गाजियाबाद में कुख्यात अपराधी मोनू चौधरी उर्फ विशाल को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को लगभग 3.30 बजे थाना मुरादनगर में क्रॉस फायरिंग में मोनू चौधरी ढेर कर दिया गया.  मोनू चौधरी उर्फ़ विशाल पुत्र दीपक निवासी उखलारसी मुरादनगर गाजियाबाद का रहने वाला है. उस पर 50,000 रुपये का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा था. वो पिछले दो महीनों में हुई 2 हत्याओं के मामलों में वांछित था. उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर समेत कुल 12 मामले दर्ज हैं. हाल ही में गाजियाबाद पुलिस ने उसके गिरोह के सदस्यों की गैंगस्टर एक्ट के तहत 29 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी.

दोनों ओर से हुई की इस गोलीबारी की घटना में दो पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई हैं. अनिल दुजाना के खिलाफ तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे. अनिल दुजाना ने 2002 में गाजियाबाद जिले में पहले हत्याकांड को अंजाम दिया था. उसके बाद बिसरख कोतवाली क्षेत्र के रोजा जलालपुर गांव में राजू नाम के शख्स की जान ली थी. अनिल दुजाना ने गाजियाबाद के गैंगस्टर अमित कसाना के साथ मिलकर रिठौरी गैंग से गठजोड़ किया था और दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया था.

गौरतलब है कि यूपी में 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद कई बड़ी घटनाएं हुई हैं. उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद के बेटे असद और एक अन्य को पुलिस मुठभेड़ में झांसी के पास मार गिराया गया था. प्रयागराज हत्याकांड में हमलावरों गाड़ी का ड्राइवर और एक अन्य आरोपी पहले ही ढेर हो चुका है. वहीं बमबारी करके दहशत फैलाने  वाला गुड्डू मुस्लिम अभी भी फरार है. अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आई है. हालांकि अतीक अहमद और अशरफ का प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते वक्त तीन युवकों ने सनसनीखेज तरीके से मर्डर कर दिया था.

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