नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की लूट का मामला सामने आया है। जांच के दौरान इस मामले में पुलिस को वारदात के पीछे किसी जानकार के हाथ होने का शक है।
बदमाशों को न केवल घर में रखे लाखों रुपये के नकदी और जेवरात की जानकारी थी, बल्कि उन्हें बंगले के अंदर के कमरों और सामान के बारे में भी पर्याप्त जानकारी होने की आशंका है। पुलिस घर में काम करने वाले कर्मचारियों समेत कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, रूप नगर में रहने वाले 74 वर्षीय तारेश बैसीवाला कश्मीरी गेट में आटो पार्ट्स का कारोबार करते हैं। वह अपनी 70 वर्षीय पत्नी अर्चना के साथ बंगले में रहते हैं। शुक्रवार रात करीब 2:30 बजे तारेश बाथरूम जाने के लिए उठे। नल में पानी नहीं आने पर वह पानी की सप्लाई जांचने और मोटर चलाने के लिए घर का मुख्य दरवाजा खोलकर बाहर निकले। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे चार हथियारबंद बदमाश उन्हें धक्का देकर घर के अंदर घुस गए।
बदमाशों ने तारेश को दबोच लिया और उनकी छाती पर पिस्टल तानकर नकदी और जेवरात के बारे में पूछताछ की। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इसी बीच दो बदमाश उस कमरे में पहुंच गए जहां अर्चना सो रही थीं। उन्होंने बुजुर्ग महिला के हाथ-पैर कपड़े से बांध दिए और उन्हें फर्श पर लिटा दिया। इसके बाद तारेश को भी घसीटकर उसी कमरे में ले जाया गया। बदमाशों ने दंपती को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा।
पीड़ित के मुताबिक, चारों बदमाश नकाबपोश थे। इनमें से दो ने हेलमेट पहन रखा था। उनके पास दो पिस्टल, चाकू और लोहे की राड थी। बदमाशों ने घर की अलमारियों और तिजोरियों के ताले तोड़कर करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने की करीब 15 से 20 चेन, 20 से 25 अंगूठियां, पांच सोने की गिन्नियां और एक सोने का नेकलेस, चांदी की दो मूर्तियां करीब दो-दो किलो वजन की, करीब तीन किलो वजन की एक बड़ी चांदी की मूर्ति, करीब एक हजार चांदी के सिक्के और चांदी के अन्य आभूषण भी बदमाश ले गए।
पुलिस के अनुसार, लूटे गए सामान की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। उधर घायल बुजुर्ग दंपती को बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
घर की जानकारी रखने वाले पर शक
जांच में पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि बदमाशों को घर में रखे कीमती सामान की जानकारी कैसे मिली। पीड़ित के घर में दो नौकरानियां और एक माली काम करते हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है। तारेश सप्ताह में तीन दिन कश्मीरी गेट स्थित अपने कार्यालय जाते हैं, जबकि अन्य दिनों में घर से काम करते हैं। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किसी कर्मचारी या उसके संपर्क में रहने वाले व्यक्ति ने तो बदमाशों को दंपती की दिनचर्या, घर के लेआउट और कीमती सामान की जानकारी नहीं दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के रास्तों और घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास जारी है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर आरोपितों को दबोच लिया जाएगा।

