गाजियाबाद। फैमिली आईडी बनवाने के मामले में जिले की रैंक कम होने पर जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए फैमिली आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया है।
जब तक फैमिली आईडी नहीं बनवाई जाएगी तब तक वेतन के भुगतान पर रोक लगा दी गई है, इसके बाद सरकारी कर्मचारी व अधिकारी फैमिली आईडी बनवाने के कार्य में रूचि ले रहे हैं। फैमिली आईडी बनवाने के लिए जून माह तक लगभग 32 हजार आवेदन मिले थे, इनमें से 21 हजार परिवार की फैमिली आईडी बनाने के आवेदन स्वीकृत किए गए थे।
लापरवाही करने वालों को कारण बताओ नोटिस
जिले में फैमिली आईडी बनाने के कार्य में डी रैंक शासन से मिली थी। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फैमिली आईडी न बनवाने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में फैमिली आईडी बनवाने वालों की संख्या बढ़ी है।
सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फैमिली आईडी बनवाने का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में जल्द ही समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी। फैमिली आईडी बनवाने में लापरवाही करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को भी फैमिली आईडी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों को आमजन की फैमिली आईडी बनवाने के लिए कहा गया है, जिससे कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के मदद मिल सके।

