SIR में CM रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल समेत 31 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस

News Desk
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नई दिल्ली। एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत विवरण में गड़बड़ी को लेकर जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं उसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई अन्य नेताओं के नाम भी शामिल है। मुख्यमंत्री को उम्र से संबंधित गड़बड़ी और केजरीवाल को उनका नाम पुराने एसआईआर से लिंक नहीं होने के कारण नोटिस भेजा गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे लेकर नाराजगी जताई है।

सीएम रेखा गुप्ता को क्यों भेजा गया है नोटिस?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की मतदाता हैं। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से संबंधित प्रविष्टि को जनगणना प्रपत्र में प्रदान किए गए विवरणों के आधार पर तार्किक विसंगतियों की सूची में पाया गया।

4 नवंबर को होगा अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन

भारत निर्वाचन आयोग की मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार उन्हें नोटिस जारी किया गया और नामित बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए मान्य कर दिया गया है, जिसका आधिकारिक प्रकाशन 4 नवंबर को किया जाना है।

आप ने लगाए संगीन आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके बेटे और माता पिता की प्रविष्टि में भी विसंगति मिली है। केजरीवाल व उनके स्वजन नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।

दिल्ली निर्वाचन अधिकारी के दस्तावेजों के अनुसार इस विधानसभा के पार्ट 51, केजी मार्ग के 110 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें केजरीवाल के परिवार के पांच सदस्यों का नाम शामिल है। इसे आप ने साजिश बताया है।

पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि यह कैसी प्रक्रिया है कि दिल्ली के तीन बार के मुख्यमंत्री अरविंद केजीरवाल व उनके परिवार के वोट मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं।

दिग्गज राजनेताओं को नोटिस

जानकारी अनुसार दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सांसद कपिल सिब्बल के साथ ही भाजपा नेता सुधांशु मित्तल, दिल्ली प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, उनकी पत्नी और भाई सहित अन्य कई लोगों को भी इस तरह के नोटिस भेजे गए हैं।

आयोग ने बताया क्यों भेजा गया नोटिस?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की विसंगति मिलने पर 33 लाख से अधिक मतदाताओं को इस तरह के नोटिस जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य विवरण में मिलने वाली गलती को ठीक करने के लिए सत्यापन करना है।

नोटिस जारी होने के बाद बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) मौके पर जाकर सत्यापन और मतदाता की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों व संबंधित तथ्यों की जांच करता है। मुख्यमंत्री को दिए गए नोटिस में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई।

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