पिंडर घाटी में भारी बारिश से मकान और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त, 15 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

Amit
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खोखले हुए मकान और धंसते रास्तों के कारण ग्रामीणों में दहशत

चमोली। भारी बारिश के कारण तहसील जिलासू के पिंडर घाटी में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई गांवों में पैदल रास्ते धंस गए, मकानों में दरारें पड़ीं और पौराणिक जल स्रोत भी भूस्खलन की चपेट में आ गए।

सगवाड़ा गांव में हुई भारी बारिश से एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 15 अन्य परिवार खतरे में आ गए। इन परिवारों को पंचायत घर और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। बीती 22 अगस्त को भी इसी गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान गिर गया था, जिसमें एक युवती की मौत हो गई थी।

राड़ी गांव में घांघली गदेरे के उफान से कई ग्रामीण भयभीत हैं। जगदीश पंत, दिनेश पंत, मदन मोहन और मंजू गोसाई ने बताया कि उनके मकान नीचे से खोखले हो गए हैं और कभी भी गदेरे में बह सकते हैं।

एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि सगवाड़ा गांव में मलबे में दबे मकान में फिलहाल कोई नहीं था। खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

बारिश के चलते तहसील के गांवों में तबाही का सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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