नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व सहयोगी वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच पालतू कुत्ते की देखभाल और अधिकार को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई हुई। इस मामले में अदालत ने देहाद्रई की याचिका पर महुआ मोइत्रा से जवाब मांगा है।
यह विवाद उनके पालतू रॉटवीलर कुत्ते ‘हेनरी’ की देखरेख और साझा अधिकार को लेकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, महुआ मोइत्रा ने पहले एक निचली अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि दोनों के बीच कुत्ते की संयुक्त देखभाल को लेकर मौखिक सहमति बनी थी और उसी के आधार पर साझा कस्टडी लागू की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, जय अनंत देहाद्रई ने इस याचिका को चुनौती देते हुए अदालत में संशोधन याचिका दायर की है। उनका कहना है कि इस तरह का मुकदमा कानून के तहत मान्य नहीं है और जिला अदालत को इस मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ानी चाहिए। उन्होंने अदालत से जिला अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की भी मांग की है।
देहाद्रई का तर्क है कि यह मामला किसी औपचारिक कानूनी अनुबंध पर आधारित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत संबंधों के दौरान हुई अनौपचारिक बातचीत को कानूनी समझौते के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि इस कथित समझौते में कोई स्पष्ट शर्तें या वैध कानूनी आधार नहीं है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि मौजूदा कानून के अनुसार जानवरों को संपत्ति की श्रेणी में रखा जाता है और संपत्ति के मामले में ‘कस्टडी’ जैसे अधिकारों की कोई स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 मई को तय की है।
इससे पहले महुआ मोइत्रा ने भी जिला अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें पालतू कुत्ते की साझा कस्टडी को लेकर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
