गाजियाबाद: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जागा GDA, बिना CC के कब्जा देने वाले 100 से अधिक बिल्डरों पर FIR की तैयारी

News Desk
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गाजियाबाद। बिना पूर्णता प्रमाणपत्र (सीसी) के गाजियाबाद में फ्लैटों पर कब्जा देने का मामला नया नहीं है, लेकिन अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जीडीए की कार्रवाई तेज होती दिख रही है।

गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में अवैध निर्माण के मामले में अदालत की कड़ी टिप्पणियों के बाद प्राधिकरण ने 100 से अधिक ऐसे बिल्डरों को चिह्नित किया, जिन्होंने सीसी जारी हुए बिना फ्लैटों और दुकानों का कब्जा दिया।

अब इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। सवाल यह है कि जब निर्माण और कब्जे की प्रक्रिया चल रही थी, तब प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था कहां थी।

जीडीए की कार्यप्रणाली पर क्यों उठ रहे सवाल

जीडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि गुलमोहर ग्रीन्स मामले में अदालत ने केवल बिल्डर की भूमिका पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि यह भी पूछा कि जब पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं था और प्राधिकरण को इसकी जानकारी थी, तो फ्लैटों का कब्जा कैसे दिया गया।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी जवाब मांगा था। बाद में इसी मामले में अवैध निर्माण को नियमित करने से जुड़े आदेश को निरस्त करते हुए टावरों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए।

जीडीए की निगरानी पर भी हो जांच

जीडीए ने नूरनगर स्थित हेरिटेज टावर के मामले में आरकेएस बिल्डकान के खिलाफ भी कार्रवाई की है। आरोप है कि बिल्डर ने शमन शुल्क जमा किए बिना और आवश्यक मंजूरी लिए बगैर अतिरिक्त निर्माण कर फ्लैटों व दुकानों का कब्जा दिया।

वहीं, छह अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 तक जीडीए ने 2,968 मानचित्र स्वीकृत किए थे, जबकि पूर्णता प्रमाणपत्र केवल 292 जारी किए गए थे। यह अंतर परियोजनाओं की स्थिति, लंबित औपचारिकताओं और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत बताता है।

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