गाजियाबाद। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चुराने के मामले में दोषी पाए गए फुरकान को गैंगस्टर एक्ट के तहत 30 महीने की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) जुनैद मुजफ्फर की अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा के दौरान यदि अर्थदंड अदा नहीं किया गया तो दो महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर 2022 को जीआरपी थाना प्रभारी अनुज मलिक ने अपनी टीम के साथ रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों — फुरकान (निवासी खुर्जा, बुलंदशहर) और रितिक — को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ट्रेन और स्टेशन परिसर में गिरोह बनाकर यात्रियों के बैग, मोबाइल और अन्य कीमती सामान चुराते थे।
जांच के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि फुरकान समाज में भय का माहौल बनाकर अवैध रूप से पैसा कमाता था। अदालत में पेशी के दौरान फुरकान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए अपराध कबूल कर लिया और न्यूनतम सजा की अपील करते हुए अपनी पारिवारिक मजबूरी का हवाला दिया। उसने कहा कि वह अत्यंत गरीब है, घर का इकलौता कमाने वाला है और उसकी वृद्ध मां चल-फिर नहीं सकतीं।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने फुरकान को दोषी करार देते हुए साढ़े दो साल की सश्रम कैद और ₹5,000 के जुर्माने की सजा दी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि फुरकान द्वारा जेल में बिताया गया समय उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।

