यूएई से भारत लाया गया ड्रग माफिया वीरू बसोया, कोकेन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज

News Desk
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नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहकर भारत समेत कई देशों में दुनिया की सबसे महंगी ड्रग्स कोकेन के अलावा थाईलैंड का गांजा और मेफेड्रोन जैसे ड्रग्स सप्लाई करने वाले कुख्यात ड्रग्स माफिया वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू की गिरफ्तारी से भारतीय एजेंसियां अब देश-विदेश में फैले इसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं।

एनसीबी की मुंबई जोनल टीम के बाद स्पेशल सेल भी बसोया को दिल्ली लाकर अपने केस में गिरफ्तार करके पूूछताछ करेगी। भरतीय एजेंसियों का मानना है कि बसोया ही देश का सबसे बड़ा कोकेन ड्रग्स सप्लायर है। ऐसे में इसको भारत लाकर गिरफ्तार कर लेने से देश में कोकेन की सप्लाई पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पहले दिल्ली व मुंबई समेत देश के कुछ बड़े शहरों में हर साल कोकेन की बरामदगी अधिक होती थी, लेकिन 2024 में बसोसा सिंडिकेट के कई बड़े तस्करों को दिल्ली व मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लेने व उनकी निशानदेही पर भारी मात्रा में कोकेन, थाईलैंड का गांजा व मेफेड्रोन आदि बरामद कर लेने से बसोया सिंडिकेट की एक तरह से भारत में कमर ही टूट गई। जिसके बाद कोकेन की सप्लाई काफी कम हो गई।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि बसोया सिंडिकेट के कई बड़े तस्करों के पकड़े जाने के कारण ही 2025 में दिल्ली पुलिस पूरे साल भर में 12.649 किलो कोकेन ही बरामद कर पाई। 2026 के दिल्ली जनवरी से जून तक छह माह में दिल्ली पुलिस 6.691 किलो कोकेन बरामद की है। पुलिस का दावा है कि 2024 से पहले बरामदगी की मात्रा काफी अधिक होती थी।

एनसीबी के अधिकारी का कहना है कि शुद्ध् कोकेन काफी महंगी होती है जिसे भारत में कोकेन के आदी लोग नहीं खरीद सकते हैंं। इसलिए बसोया सिंडिकेट भारत में शुद्ध् कोकेन के बजाए मिलावटी कोकेन सप्लाई करता था।

कोकेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के एंडिस पर्वतमाला वाले देशों में उगाई और निर्मित की जाती है। यह जिस ”कोका” नाम के पौधे की पत्तियों से तैयार होती है, वह प्राकृतिक रूप से इन्हीं क्षेत्रों की जलवायु और ऊंचाई पर पनपता है।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की लगभग संपूर्ण गैर-कानूनी कोकेन का उत्पादन मुख्यतः तीन दक्षिण अमेरिकी देशों में सीमित है। कोलंबिया, दुनिया में कोकेन और कोका पत्ती का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल आपूर्ति का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा केवल कोलंबिया से आता है। इसके बाद पेरू दूसरा सबसे बड़ा कोका पत्ती और कोकेन उत्पादक देश है।

बोलीविया तीसरा प्रमुख देश है जहां बड़े पैमाने पर कोका की खेती होती है। ग्वाटेमाला, होंडुरास, मेक्सिको और पनामा जैसे देश मुख्य रूप से अमेरिका में तस्करी के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल होते हैं। यहां तस्करों के बीच बसाेसा की गहरी पैठ माना जा रहा है। बसोया ने जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पैठ बनाई और कोकेन जैसी महंगी ड्रग्स के काले धंधे से बेशुमार पैसे कमाया तब उसने अपने दोनों बेटों को भी इस धंधे में शामिल कर लिया।

अक्टूबर 2024 में केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट पर स्पेशल सेल ने जब बसोया सिंडिकेट के तुषार गोयल समेत 15 से गुर्गों को गिरफ्तार किया तब उनसे पूछताछ में सामने आई बातों ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो समेत तमाम एजेंसियों को हैरान कर दिया था।

जांच में पता चला था कि यह सिंडिकेट न दिल्ली व मुंबई ही नहीं बल्कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत तमाम बड़े शहरों में कोकेन सप्लाई करता है। उसका नेटवर्क भारत के अलावा यूके, यूएई , मलेशिया, थाईलैंड और पाकिस्तान आदि देशों में फैला हुआ पाया गया। यह सिंडिकेट लाजिस्टिक्स कंपनियों, फूड, स्नैक्स पैकेट (जैसे नमकीन के पैकेट) और स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर्स का इस्तेमाल करके ड्रग्स की बड़ी खेप भारत और विदेश में सप्लाई करवाता था।

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