गाजियाबाद। गोविंदपुरम निवासी बुजुर्ग दंपती ने छह वर्षीय बच्चे के दत्तक माता-पिता होने का दावा किया है। बुजुर्ग दंपती ने बच्चे के गोद लेने के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि बच्चा उन्होंने अपने नाम से अस्पताल से गोद लिया था।
क्या है पूरा मामला?
गोविंदपुरम में 75 वर्षीय मेघराज शर्मा अपनी पत्नी पुष्पलता शर्मा के साथ रहते हैं। उनके एक बेटा और एक बेटी थी। उनके बेटे की 19 वर्ष की आयु में मौत हो गई। उन्होंने वर्ष 2015 में अपनी बेटी रश्मि शर्मा की शादी मोदीनगर की मोदीपोन कॉलोनी निवासी राजीव शर्मा के साथ कर दी। बेटी और दामाद को वह अपने पास ही रखते थे।
बुजुर्ग दंपती ने बच्चे के दत्तक माता-पिता होने का किया दावा
बुजुर्ग दंपती का कहना है कि उन्होंने अपने नाम से 16 मई 2020 को हापुड़ के सिंभावली स्थित नवदीप अस्पताल से एक दिन के नवजात को गोद लिया था। बच्चे को घर में सभी खिलाते थे। 26 फरवरी 2023 को कैंसर से रश्मि शर्मा का निधन हो गया। इसके बाद बच्चे की अभिरक्षा को लेकर विवाद शुरू हो गया। राजीव बच्चे पर दावा करते हुए मामले को लेकर कोर्ट पहुंच गए।
11 सितंबर 2023 में कोर्ट के अंतरिम आदेश में कहा कि तीन दिन बच्चा राजीव शर्मा और चार दिन बुजुर्ग दंपती के पास रहेगा। तभी से बच्चा तीन दिन राजीव और चार दिन बुजुर्ग दंपती के साथ रहता है। वहीं राजीव शर्मा ने भी दावा किया है कि यह बच्चा उन्होंने गोद लिया था। बच्चे पर उनका अधिकार है।
नगर निगम ने शुरू की जांच
राजीव शर्मा ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाते हुए नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की थी। बुजुर्ग दंपती ने खुद को जैविक माता-पिता के रूप में दर्शाकर नगर निगम से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया था। निगम के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

