नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाओं के दौरान दमकल की गाड़ियों के देर से पहुंचने की समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) बड़ा कदम उठाने जा रही है. दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) एके मलिक के अनुसार अगले छह महीने में राजधानी के विभिन्न हिस्सों में आठ नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. इन फायर स्टेशनों के शुरू होने से उन इलाकों में फायर टेंडर का रिस्पॉन्स टाइम कम होगा, जहां अभी दूरी के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में अधिक समय लगता है.
सीएफओ एके मलिक ने बताया कि दिल्ली मास्टर प्लान-2021 के अनुसार राजधानी दिल्ली में 100 फायर स्टेशन होने चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल 71 फायर स्टेशन ही संचालित हैं. बढ़ती आबादी, नई कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों व ऊंची इमारतों के कारण अतिरिक्त फायर स्टेशनों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है. यही वजह है कि सरकार ने बजट में बड़ी राशि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए रखा है, जिस राशि से नए फायर स्टेशन बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है.
उन्होंने बताया कि रोहिणी सेक्टर-41, गीता कॉलोनी, यमुना विहार, द्वारका सेक्टर-3, द्वारका सेक्टर-20, नरेला आईएफसी, गाजीपुर आईएफसी और चंद्रावल वाटर वर्क्स जैसे स्थानों पर नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे. इन स्थानों का चयन जोखिम वाले क्षेत्रों व फायर कवरेज की जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया है.
क्यों जरुरी हैं नए फायर स्टेशन ? (ETV Bharat)सीएफओ के अनुसार आग लगने की किसी भी घटना में शुरुआती 5 से 10 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. यदि दमकल की गाड़ी समय पर पहुंच जाती है तो आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता है, जिससे जनहानि व संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है. नए फायर स्टेशन इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे.
मास्टर प्लान बनाम मौजूदा स्थिति
मास्टर प्लान-2021 के अनुसार दिल्ली में 100 फायर स्टेशन की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में 71 फायर स्टेशन संचालित फायर स्टेशन हैं. यानी राजधानी में अब भी करीब 29 फायर स्टेशनों की कमी है. इनमें से 8 फायर स्टेशन अगले 6 महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे. सीएफओ के मुताबिक आने वाले समय में और भी फायर स्टेशन बनाने की योजना है, जिनपर अभी कागजी काम चल था है.
सिर्फ इमारत ही नहीं, मैनपावर भी बढ़ेगा
नए फायर स्टेशन बनने के साथ उन्हें संचालित करने के लिए पर्याप्त फायरकर्मियों की भी आवश्यकता होगी. सीएफओ एके मलिक के अनुसार दिल्ली फायर सर्विस ने 10,743 फायरकर्मियों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है. जल्द ही भर्ती का विज्ञापन आ जाएगा. वर्तमान में दिल्ली फायर विभाग संसाधनों के साथ-साथ मैनपावर की कमी से भी जूझ रहा है. 12,500 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन अभी करीब 2480 कर्मचारी हैं. नई भर्ती के बाद सभी नए स्टेशनों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाएगी.
“दिल्ली तेजी से विस्तार कर रही है. ऐसे में फायर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उसी गति से मजबूत करना जरूरी है. नए फायर स्टेशन बनने से रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और लोगों को बेहतर अग्नि सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी. इसके साथ ही आवश्यक मैनपावर और संसाधनों की व्यवस्था भी की जा रही है.”-एके मलिक, चीफ फायर ऑफिसर, दिल्ली फायर सर्विस

