ग्रेटर नोएडा वेस्ट: रक्षा एडेला सोसायटी में लगातार दूसरे दिन प्लास्टर गिरने से दहशत

News Desk
4 Min Read

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रक्षा एडेला सोसायटी में दूसरे दिन भी प्लास्टर का टुकड़ा गिर गया। घटना के बाद से लोगों में दहशत का माहौल है। एक दिन पहले भी प्लास्टर गिर गया था। निवासियों ने इमारत निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है।

निवासियों ने बताया कि बुधवार को जे टावर की 14वीं मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा पार्क में गिरने के बाद बृहस्पतिवार को डी टावर में भी हादसा हो गया। 20वीं मंजिल से प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा टूटकर 11वीं मंजिल की बालकनी में गिरा। गनीमत रही कि उस समय बालकनी में कोई मौजूद नहीं था, बड़ा हादसा हो सकता था।

निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के समय गुणवत्ता से समझौता किया था। सस्ती सामग्री और जल्दबाजी में किए गए काम का खामियाजा अब खरीदार भुगत रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पुरानी एओए ने बिल्डर से हैंडओवर लेते समय जरूरी स्ट्रक्चरल मरम्मत पूरी नहीं कराई थी।

हादसों से नहीं लिया जा रहा सबक

हाइराइज सोसायटियों में सुरक्षा को लेकर लगातार घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। पहले भी प्लास्टर, छज्जे और सीलिंग गिरने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद निवासी आज भी जोखिम के साये में रहने को मजबूर हैं। बार-बार हो रही घटनाओं के बाद निवासियों ने अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से दखल की मांग की है।

लोगों का कहना है कि जब तक बिल्डर और एओए के भरोसे रहेंगे, समस्या जस की तस बनी रहेगी। उन्होंने मांग की है कि रक्षा एडेला सोसाइटी के सभी टावरों की थर्ड पार्टी एजेंसी से स्ट्रक्चरल आडिट कराई जाए। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बिल्डर से बाध्यकारी मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण के समय क्वालिटी कंट्रोल कमजोर होना और बाद मेंटेनेंस न होना ऐसी घटनाओं की मुख्य वजह है। मानसून में नमी के कारण कंक्रीट और प्लास्टर की बांडिंग कमजोर हो जाती है, जिससे बड़े हिस्से अचानक गिर जाते हैं।

सोसायटी में दो दिन में दो बार प्लास्टर गिरने की घटना से लोग सहमें हुए हैं। निवासी लगातार बिल्डर व एओए से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हर बार सिर्फ मरम्मत का आश्वासन देकर बात को टाल दिया जाता है। – सर्वेश, निवासी

बच्चों को नीचे पार्क या खुले में खेलने भेजने से भी डर लगने लगा है। कभी भी ऊपर से प्लास्टर या मलबे का टुकड़ा गिर सकता है। छह जून को अरिहंत अंबर सोसायटी में प्लास्टर गिरने से एक युवक की मौत हो चुकी है, ऐसे में रक्षा एडेला के निवासी भी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। – पूजा, निवासी

बिल्डर के कई काम अधूरे रह गए थे। उन्होंने बताया कि नई एओए बनने के बाद से लगातार मरम्मत का काम चल रहा है। बाहरी दीवारों, छत और कामन एरिया की जांच कर क्षतिग्रस्त प्लास्टर हटाया जा रहा है। लेकिन इतनी ऊंची इमारतों में अचानक प्लास्टर गिरने की घटनाओं को रोकना चुनौती बना हुआ है। – अभिषेक तिवारी एओए उपाध्यक्ष

Share This Article
Leave a Comment