संसद मार्च हिंसा: हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिस

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी छात्र नहीं थे। उनकी पहचान की जांच की जा रही है। पुलिस ने झड़पों, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति के विनाश के मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों पर पथराव करने का आरोप है, जिसके जवाब में लाठीचार्ज किया गया। संसद मार्च के दौरान पटेल चौक, पार्लियामेंट स्ट्रीट, कांस्टिट्यूशन क्लब सहित विभिन्न जगहों से 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों व अस्थायी डिटेंशन सेंटरों में भेजा गया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच तेज की

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के सभी वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों की जांच तेज कर दी गई है। जो व्यक्ति पुलिसकर्मियों पर हमला करने, वाहनों को क्षति पहुंचाने या सार्वजनिक संपत्ति नष्ट करने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। तकनीकी और फील्ड जांच के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।

जंतर मंतर के आसपास लगाए गए बहुस्तरीय बैरिकेड तोड़ने की कोशिश

हजारों प्रदर्शनकारी मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर मार्च करने पहुंचे थे, जबकि धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद स्ट्रीट और जंतर मंतर के आसपास लगाए गए बहुस्तरीय बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे सुरक्षा बलों के साथ टकराव हुआ।

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