गाजियाबाद। प्रेम नगर कॉलोनी में रिजवाना की हत्या के समय उनके दो छोटे बच्चे घर पर थे। जबकि दोनों बड़े बच्चे स्कूल गए हुए थे। दोनों में हाथापाई होने पर चार वर्षीय बेटे ने चाचा को अम्मी को न मारने के लिए कहा, लेकिन आरोपित ने उसकी एक न सुनी।
लोगों ने बताया कि निसार के घर से निकालने के कुछ देर बाद ही फैजान घर पहुंचा। वह रिजवाना से बातचीत करने लगा। इस दौरान उसने बच्चों को बाहर भेज दिया। कुछ देर बाद कमरे से तेज आवाज आने लगी तो चार वर्षीय बेटा कमरे में चला गया। उसने देखा कि चाचा रस्सी से अम्मी का गला दबा रहे हैं।
उसने रोते हुए चाचा से अम्मी को न मारने के लिए कहा, लेकिन आरोपित ने उसकी एक न सुनी। आरोपित यही कहता रहा कि अगर तू मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं रहने दूंगा। एसीपी लोनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फैजान का एकतरफा प्रेम सामने आया है। उसने रिजवाना से साथ चलने को कहा लेकिन उसने साथ चलने से मना कर दिया। गुस्से में आरोपित ने रिजवाना की गला दबाकर हत्या कर दी।
बेसुध मां से लिपट कर रोते रहे बच्चे
आरोपित के जाने के बाद रिजवाना बेसुध फर्श पर पड़ी थी। चार वर्षीय बेटा मां से लिपट कर रोता रहा। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और निसार को घटना की जानकारी दी।

